भारत में होता तो कभी नहीं जीत पाता नोबेल: अभिजीत बनर्जी

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए अपने नोबेल पुरस्कार पर हैरानी करने वाला बयान दिया

Jaipur: Noble Laureate Abhijit V Banerjee speaks during the Jaipur Literature Festival at Diggi Palace, in Jaipur, Sunday, Jan. 26, 2020.(PTI Photo)(PTI1_26_2020_000270B)

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए अपने नोबेल पुरस्कार पर हैरानी भरा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर वो मूल देश में होते तो नोबेल पुरस्कार नहीं जीत पाते. ऐसा नहीं है कि भारत में कोई अच्छी प्रतिभा नहीं है, लेकिन एक खास तरह के सिस्टम की जरूरत है.  एक शख्स के लिए इसे पाना बहुत मुश्किल है. अभिजीत बनर्जी ने समझाते हुए कहा कि बहुत सारे काम जिसके लिए उन्हें श्रेय मिला है दरअसल वो दूसरों की मेहनत की वजह से मिला.

2019 में अभिजीत ने अपनी पत्नी एस्थर डुफो और माइकल क्रेमर के साथ अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में सेवरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार जीता था.  उन्हें वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए उनके सफल प्रयास के लिए पुरस्कार दिया गया था. अर्थशास्त्र का ये पुरस्कार आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है.

बता दें. मुंबई में जन्मेअभिजीत बनर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की डीग्री प्राप्त की और मैसच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में प्रोफेसर हैं.

 

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