आर्टिकल 356 पर PHD करने वाले सिंघवी की दलीलों पर टिका कांग्रेस-NCP-शिवसेना का भविष्य

इससे पहले अभिषेक मनु सिंघवी को उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के मामलों में कामयाबी हासिल हो चुकी है.
abhishek manu singhvi, आर्टिकल 356 पर PHD करने वाले सिंघवी की दलीलों पर टिका कांग्रेस-NCP-शिवसेना का भविष्य

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को महाराष्ट्र के पूरे घटनाक्रम को विस्तार से देखेगी. जैसे कि देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने राज्यपाल से मिलने का समय कब मांगा. कब राज्यपाल से मिले. कब दावा पेश किया और दावा पेश करने वाला पत्र कहां है.

राज्यपाल ने दावा पेश करने वाले पत्र का संवैधानिक दृष्टिकोण से अध्ययन किया. संतुष्ट होने पर केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की.

सुप्रीम कोर्ट के बोम्बई केस और अन्य संविधान पीठ के फैसले के मुताबिक सरकार बनने का मौका देना राज्यपाल का संवैधानिक दायित्व है. राज्यपाल के लिए वरिष्ठ वकील तुषार मेहता सोमवार को ये सब दलील रखेंगे.

रात में कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की और देर रात राष्ट्रपति को जगाकर दस्तखत हुए. सुप्रीम कोर्ट ये देखेगी कि क्या राज्यपाल ने संवैधानिक प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया कि नहीं.

राज्यपाल के विवेक के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट बस ये देखेगी कि इसे तर्कसंगत तरीके से किया गया है या नहीं. अगर कोर्ट ने राज्यपाल द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया को सही पाया तो कोर्ट को बहुमत साबित करने के लिए 30 नवंबर से पहले भी कोई तारीख देने का अधिकार है.

अभिषेक मनु सिंघवी ने अनुच्छेद 356 यानी राष्ट्रपति शासन पर अपनी PHD की है. उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक में सिंघवी को कामयाबी हासिल हुई थी. महाराष्ट्र का केस सिंघवी के लिए बड़ी चुनौती है.

दूसरी तरफ, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस रविवार को प्रस्तावित ‘महा विकास अगाड़ी’ में अपनी पार्टियों के विधायकों के साथ ‘क्रॉस-मीटिंग’ कर रहे हैं. सबसे पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने नवाब मलिक के साथ होटल रेनेसां में अपने पार्टी विधायकों से मुलाकात की. इसके बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं सुभाष देसाई और एकनाथ शिंदे भी इस बैठक में जुड़े.

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और पार्टी सांसद संजय राउत और मिलिंद नार्वेकर राकांपा के विधायकों से मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे. इसी तरह इसके बाद होटल जेडब्ल्यू मैरिअट में पवार, ठाकरे अपनी पार्टी नेताओं के साथ जाकर कांग्रेस विधायकों के साथ बात करेंगे.

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