मुख्यमंत्री निवास के बाहर आचार्य देव मुरारी बापू करेंगे आत्मदाह, कमलनाथ सरकार से हैं नाराज

'मैंने कमलनाथ से मांग की थी कि 15 अगस्त तक मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में मेरी नियुक्ति की जाए, ताकि मैं गौ सेवा कर सकूं.'

भोपाल: वृंदावन के संत आचार्य देव मुरारी बापू आजकल नाराज़ हैं. उनकी नाराज़गी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से है. संत आचार्य देव मुरारी बापू कमलनाथ सरकार द्वारा संतों की मांगों को ठुकराये जाने से नाराज हैं और अब उन्होंने प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. बापू ने कहा कि वह सोमवार को मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करेंगे. वह सरकार से अपने लिए मध्य प्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में एक पद की मांग भी कर रहे हैं.

कथा वाचक बापू ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस करने के बाद बताया, ‘मैंने पिछले साल नवंबर में मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को समर्थन देकर उसके पक्ष में प्रचार किया था. संतों के समर्थन के बिना मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती थी, लेकिन कांग्रेस सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने कमलनाथ से मांग की थी कि 15 अगस्त तक मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में मेरी नियुक्ति की जाए, ताकि मैं गौ सेवा कर सकूं. लेकिन, यह मांग भी अनसुनी कर दी गई.’

बापू ने कहा, ‘इससे मैं आहत हूं और कल (सोमवार) 12 बजे दोपहर मैं यहां मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करूंगा, क्योंकि इस सरकार द्वारा संतों की मांगें नहीं मानने से मेरा मान-सम्मान गिरा है.’