राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों पर होगी कार्रवाई! उपसभापति के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव

राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू विपक्ष के उन संसद सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, जिन्होंने कृषि बिलों को लेकर उच्च सदन में हंगामा किया. विपक्षी दलों ने उपसभापति हरिवंश नारायण के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 5:08 pm, Sun, 20 September 20

खेती किसानी से जुड़े दो बिल रविवार को राज्यसभा में पास तो हो गए, लेकिन इनको लेकर सदन में विपक्ष ने काफी हंगामा काटा. वहीं अब राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू विपक्ष के उन संसद सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, जिन्होंने कृषि बिलों को लेकर उच्च सदन में हंगामा किया. इसके उलट विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है.

मालूम हो कि राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 ध्वनिमत से पारित हो गए.

बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में हंगामा इतना बढ़ गया कि विपक्ष के राज्यसभा सांसद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की कुर्सी के बगल तक आ गए. हंगामे के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने उपसभापति हरिवंश नारायण के पास जाकर संसद की रूल बुक को फाड़ दिया.

इतना ही नहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने उपसभापति का माइक को छीनने की कोशिश भी की. वहीं आप सांसद संजय सिंह ने माइक तोड़ दिया.

काफी नाराज हैं राज्यसभा के सभापति 

सूत्रों ने ANI को बताया कि राज्यसभा के सभापति इस घटना से काफी नराज हैं और उन्होंने उन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने की संभावना जताई है, जिन्होंने सदन में हंगामा किया और उपाध्यक्ष के खिलाफ नारे लगाए और कागजात भी फाड़ दिए.

उच्च सदन में विपक्षी दलों के सांसदों की तरफ से किए गए हंगामे को लेकर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के आवास पर एक हाई लेवल मीटिंग भी हुई, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी मौजूद रहे.

वहीं सत्ताधारी बीजेपी भी विपक्षी सांसदों के इस तरीके से भी नाखुश है, जिस तरह से उन्होंने विरोध किया और राज्यसभा की कार्यवाही को ठप करने का प्रयास किया.

“उपसभापति के रवैये ने लोकतंत्र को पहुंचाया नुकसान”

इधर विपक्ष ने उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने फैसाल किया है. इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा, “यह दिन इतिहास में ‘काला दिन’ के रूप में याद किया जाएगा. लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रियों की हत्या कर ये बिल पारित किए गए हैं. 12 विपक्षी दल राज्यसभा के उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं.”

पटेल ने आगे कहा कि राज्यसभा के उपसभापति को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है. इसलिए हमने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है.

“उपसभापति ने जल्दबाजी में पारित किया विधेयक”

कांग्रेस नेताओं ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण पर बीजेपी के साथ मिलिभगत और सदस्यों के मौलिक अधिकार वोट डिवीजन से इनकार करने का आरोप लगाते हुए उनकी कार्रवाइयों पर सवाल उठाए.

कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने विपक्ष को अपनी बात कहे बिना विधेयक को जल्दबाजी में पारित कर दिया और उन्हें सुझाए गए संशोधनों के लिए मतों के विभाजन की अनुमति भी नहीं दी गई.