‘गांधी-नेहरू परिवार कांग्रेस के लिए ब्रांड इक्विटी, बाकी किसी के लिए पार्टी चलाना मुश्किल’

अधीर रंजन चौधरी ने गांधी-नेहरू परिवार को कांग्रेस के लिए ब्रांड इक्विटी बताया है. उन्होंने अपने बयान को तर्क देकर सिद्ध भी किया है. जानिए उन्होंने क्या कहा..

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि गांधी-नेहरू परिवार के बाहर किसी भी नेता के लिए कांग्रेस पार्टी को चलाना मुश्किल है. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि गांधी-नेहरू परिवार ही कांग्रेस की ब्रांड इक्विटी है.

अधीर रंजन कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी हैं. ये कमेटी ही कांग्रेस का अध्यक्ष चुनती है. चौधरी ने सोनिया गांधी के फिर से अध्यक्ष बनने पर कहा कि- गांधी परिवार के बाहर किसी भी व्यक्ति का पार्टी चला पाना काफी कठिन होगा. राजनीति में भी ब्रांड इक्विटी होती है. अगर मौजूदा बीजेपी को देखा जाए तो क्या मोदी और अमित शाह के बिना वो सही ढंग से काम करेगी? जवाब है नहीं. इसी तरह कांग्रेस में भी गांधी परिवार की ब्रांड इक्विटी है. इसमें कुछ गलत नहीं है. पार्टी में किसी और के पास वो प्रतिभा ही नहीं है जो उनके पास है. यह एक कड़वी सच्चाई है.

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अधीर रंजन चौधरी ने यहां तक कहा कि कांग्रेस की वापसी अब काफी हद तक उन क्षेत्रीय दलों के कमज़ोर होने पर निर्भर है जिनकी कोई विचारधारा ही नहीं. वो एक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसी मजबूत विचारधारा और देशभर में मौजूदगी वाली पार्टी ही भाजपा जैसे सांप्रदायिक दल का सामना कर सकती है. जिस तरह क्षेत्रीय पार्टियां काम कर रही हैं आने वाले दिनों में वे अपनी अहमियत खो देंगी और इसके बाद देश दो ध्रुवीय विचारधारा वाली राजनीति की तरफ बढ़ जाएगा. जब दो ध्रुवों वाली राजनीति शुरू होगी तो हम फिर से सत्ता में लौटेंगे, यानी कांग्रेस का भविष्य काफी उज्ज्वल है.

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चौधरी ने ये भी कहा कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर लौटने से इनकार कर चुकी थीं मगर राहुल के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर उन्होंने पार्टी को मुश्किल से निकालने का फैसला लिया.