अधीर रंजन चौधरी को सोशल मीडिया पर लोग क्यों कह रहे “सस्ता शशि थरूर”

कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने चिदंबरम पर सुप्रीम कोर्ट में आए फैसले को लेकर ट्वीट किया, लेकिन इस ट्वीट को लेकर वो खुद ही ट्रोल हो गए.

सुप्रीम कोर्ट ने INX मीडिया मामले में पी चिदंबरम को आज यानी मंगलवार को जमानत दे दी. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के फरार होने की कोई संभावना नहीं है और न ही वो किसी भी साक्ष्य को प्रभावित करने की स्थिति में हैं. हालांकि चिदंबरम को रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि वह प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में रहेंगे.

चिदंबरम के हित में आए इस फैसले को लेकर तमाम कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए ट्विटर पर ट्वीट्स की बाड़ लगा दी. इसी रेस में लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी भी कूद पड़े. उन्होंने भी चिदंबरम पर सुप्रीम कोर्ट में आए फैसले का ट्विटर पर ट्वीट कर स्वागत किया, लेकिन इस ट्वीट को लेकर वो खुद ही ट्रोल हो गए.

बधाई के चक्कर में ट्रोल हो गए अधीर रंजन चौधरी

पहले बताते हैं उन्होंने ट्वीट क्या किया… चौधरी ने जो लिखा उसका हिंदी अनुवाद है कि “चिदंबरम के विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि दिन के अंत में सच्चाई की ही जीत होती है.” हालांकि पश्चिम बंगाल से आने वाले सांसद “विस्तार” और अंग्रेजी में Enlargement शब्द पर घिर गए. वो शायद गलती से इस शब्द का उपयोग कर बैठे. हालांकि तब तक ट्विटर पर उन्हें लोगों ने घेर लिया.

एक यूजर ने ट्वीट कर उनकी अंग्रेजी पर तंज कसते हुए कहा, “दादा, बंगाली में ही ट्वीट कर दो.”

अल्फा नाम के एक ट्विटर यूजर ने भी चौधरी से सवाल करते हुए पूछा…”Enlargement? आपको इससे बेहतर शब्द नहीं मिला क्या?”

एक और ट्वीटर यूजर ने तो अधीर रंजन चौधरी को सलाह दी कि जो भी उनका ट्विटर हैंडल संभाल रहा है, उसे तुरंत नौकरी से निकाल दो.

विपुल नाम के ट्विटर हैंडल से तो अधीर रंजन चौधरी की तुलना शशि थरूर से कर दी गई. यूजर ने ट्वीट में चौधरी को “सस्ता शशि थरूर” कह दिया.

पीएम मोदी के खिलाफ बयान देकर भी फंस चुके हैं चौधरी

मालूम हो कि लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता पहले भी अपने बयानों को लेकर घिर चुके हैं. उन्होंने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए विवादित बयान दिया था. उन्होंने तुलना करते हुए कह दिया था कि “कहां गंग और कहां गंदी नाली.” हालांकि बाद में चौधरी ने अपने बयान पर माफी मांग ली थी.

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