पूर्व नेवी चीफ का दावा, राजीव गांधी ने नहीं किया INS विराट का निजी इस्तेमाल

PM मोदी ने राजीव गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने INS विराट का इस्तेमाल छुट्टियां मनाने के लिए किया था.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा पूर्व पीएम राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) पर युद्धपोत INS विराट (INS Viraat) को टैक्सी की तरह इस्तेमाल किए जाने वाले बयान पर पूर्व नेवी चीफ ऐडमिरल एल. रामदास (रिटायर्ड) (Admiral L Ramdas) ने बयान जारी करके सारे आरोपों को खारिज कर दिया है. पूर्व चीफ ऑफ नेवल स्टाफ ऐडमिरल एल. रामदास (रिटायर्ड) ने कहा कि राजीव गांधी के साथ उनकी पत्नी के अलावा और कोई विदेशी नहीं आया था.

ऐडमिरल रामदास ने एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा कि, पीएम मोदी ने बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक भाषण दिया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि राजीव गांधी ने युद्धपोत INS विराट का इस्तेमाल लक्षद्वीप पर 10 दिनों तक अपने पर्सनल क्रूज के तौर पर किया था, उनके साथ उनका परिवार और सोनिया गांधी के परिवार को लोग भी मौजूद थे.

INS विराट, पूर्व नेवी चीफ का दावा, राजीव गांधी ने नहीं किया INS विराट का निजी इस्तेमाल
ऐडमिरल रामदास का बयान 1

अपने स्टेटमेंट में आगे लिखते हुए ऐडमिरल रामदास ने प्वांइट्स के माध्यम से समझाते हुए उस घटना की सच्चाई बयां की. ऐडमिरल रामदास ने बताया कि लगभग 32 साल पहले जो हुआ था वह ऐसा नहीं था जैसा बताया जा रहा है. अपनी बात की पुष्टि करने के लिए उन्होंने उस समय मौजूद अन्य अधिकारियों का हवाला भी दिया और कहा कि वह यह जानकारी अन्य ऑफिसर्स की लिखित प्रतिक्रियाओं के आधार पर दे रहे हैं.

INS विराट, पूर्व नेवी चीफ का दावा, राजीव गांधी ने नहीं किया INS विराट का निजी इस्तेमाल
ऐडमिरल रामदास का बयान 2

क्या-क्या हुआ था उस दौरान

  • राजीव गांधी और सोनिया लक्षद्वीप जाने के लिए INS विराट पर गए थे. राजीव ऑफिशल ड्यूटी पर लक्षद्वीप जा रहे थे. वहां उन्हें IDA की बैठक की अध्यक्षता करनी थी.
  • राजीव गांधी के साथ कोई विदेशी नागरिक नहीं था. ऐडमिरल रामदास ने बताया कि वे खुद बतौर फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ INS विराट पर थे. INS विराट के साथ चार और जहाज भी थे. ऐडमिरल रामदास ने कहा कि उन्होंने खुद उनके लिए डिनर रखा था. उन्होंने कहा कि उस समय किसी दूसरी शिप पर कोई पार्टी नहीं हुई थी.
  • ऐडमिरल रामदास ने कहा कि राजीव सोनिया के साथ हेलिकॉप्टर से आइलैंड्स भी गए थे. इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को आधिकारिक रूप से सर्विस एयरक्राफ्ट से अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर सकता है. उन्होंने बताया कि राजीव और सोनिया ही हेलिकॉप्टर से गए थे उनके साथ राहुल नहीं गए थे.
  • बंगाराम की यात्रा के दौरान राजीव गांधी के सुरक्षा के लिए नेवी के कुछ गोताखोरों को भेजा गया था.
  • दिसंबर 1987 में ये कार्यक्रम हुआ था. इसके अलावा हर साल होने वाले अभ्यास कार्यक्रम तहत अरब सागर में अभ्यास की योजना भी बनाई गई थी. यह मौका पीएम से बातचीत करने का था. उन्होंने लोगों को संबोधित किया और ‘बड़ा खाना’ भी हुआ.
  • ऐडमिरल रामदास ने लिखा कि उस रात मैंने प्रधानमंत्री के लिए डिनर का आयोजन भी किया था.
  • उन्होंने बताया कि कोई भी दूसरा जहाज गांधी परिवार के निजी इस्तेमाल के लिए नहीं इस्तेमाल किया गया था.
  • ऐडमिरल रामदास ने लिखा कि एक छोटा हेलिकॉप्टर सिर्फ प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी की इमर्जेंसी मेडिकल जरूरतों के लिए कवरत्ती भेजा गया था.

रामलीला मैदान में लगाया था आरोप

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजीव गांधी पर INS विराट का इस्तेमाल टैक्सी की तरह करने और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया था.

मोदी ने टैक्सी की तरह इस्तेमाल करने का लगाया था आरोप

पीएम मोदी ने कहा था कि, “क्या आपने सुना है कि कोई अपने परिवार के साथ युद्धपोत से छुट्टियां मनाने जाये ? आप इस सवाल से हैरान मत होइए, ये हुआ है और हमारे ही देश में हुआ है. कांग्रेस के नामदार परिवार ने आईएनएस विराट का व्यक्तिगत टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया, उसका अपमान किया था. ये बात तब की है जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और 10 दिन की छुट्टियां मनाने निकले थे. राजीव गांधी के साथ छुट्टी मनाने वालों मे, उनकी ससुराल वाले यानि इटली वाले भी शामिल थे. सवाल ये कि क्या विदेशियों को भारत के वॉरशिप पर ले जाकर तब देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया गया था? या सिर्फ इसलिए क्योंकि वो राजीव गांधी की ससुराल के लोग थे.”

बंगाराम द्वीप गए थे छुट्टियां बिताने

राजीव गांधी दक्षिण भारत में कोचीन से 465 किलोमीटर पश्चिम की ओर लक्षद्वीप के पास स्थित एक बेहद खूबसूरत आईलैंड है, जिसका नाम बंगाराम है, वहां छुट्टियां मनाने गए थे. यह पूरा द्वीप निर्जन है. 0.5 स्क्वायर किलोमीटर एरिया में फैले इस द्वीप का चयन भी सोच-समझकर किया गया था. यहां विदेशी नागरिकों के आने पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है. लक्षद्वीप के तत्कालीन पुलिस चीफ पीएन अग्रवाल का कहना था कि ये बंगाराम द्वीप बेहद सुरक्षित और दुनिया से एक तरह से कटा हुआ इलाका है. इस इलाके की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह बेहद सुरक्षित है.

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