आखिरकार भारत-चीन में बनी सहमति, फ्रंटलाइन पर दोनों देश नहीं भेजेंगे और सैनिक, पढ़ें अहम बातें

दोनों देशों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी है कि अब कोई भी देश ग्राउंड पर मौजूदा हालात में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करेगा और ऐसे कदम उठाने से बचा जाएगा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण बन सकती है.

पूर्वी लद्दाख इलाके में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सोमवार को भारत और चीन के बीच छठी कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक हुई. इस बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर अगले दिन यानी मंगलवार को एक जॉइंट प्रेस रिलीज की गई. इसमें बताया गया है कि बैठक में फैसला लिया गया है कि दोनों देशों ने अब फ्रंटलाइन पर और सैनिक ना भेजने पर सहमति व्यक्त की है.

दोनों देशों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी है कि अब कोई भी देश ग्राउंड पर मौजूदा हालात में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करेगा और ऐसे कदम उठाने से बचा जाएगा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण बन सकती है.

एक जॉइंट प्रेस रिलीज में बताया गया कि 21 सिंतबर को भारत और चीन के वरिष्ठ कमांडरों के बीच छठे चरण की सैन्य कमांडर स्तर की बैठक हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत – चीन सीमा क्षेत्रों में LAC पर स्थिति को स्थिर करने पर विचारों का गहन आदान-प्रदान किया.

बयान के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी दोनों देशों के नेताओं द्वारा महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, जमीन पर कम्युनिकेशन को मजबूत करने, गलतफहमी से बचने, मोर्चे पर अधिक सैनिकों को भेजने से रोकने, एकतरफा रूप से जमीन पर स्थिति को बदलने से परहेज करने और किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए सहमत हुए हैं, ताकि परिस्थितियां और खराब न हों.

संयुक्त बयान में आगे बताया गया कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द सैन्य कमांडर-स्तरीय बैठक के 7 वें दौर को आयोजित करने, जमीन पर समस्याओं को ठीक से हल करने के लिए व्यावहारिक उपाय करने और संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सहमत हुए हैं.

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