आर्टिकल 370 पर कांग्रेस में दरार के बाद अब पार्टी के नेताओं में बढ़ी रार

मोइली ने पार्टी की लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाले नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि ये नेता ऐसे बयान देकर कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए कुछ काम नहीं कर रहे हैं.
मोइली, आर्टिकल 370 पर कांग्रेस में दरार के बाद अब पार्टी के नेताओं में बढ़ी रार

आर्टिकल 370 को लेकर दो हिस्सों में बटने वाली कांग्रेस पार्टी के नेताओं में अब दरार बढ़ने लगी है. मालूम हो कि पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने आर्टिकल 370 को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के फैसले की तारीफ की थी और उन्हें खलनायक बताने वाली पार्टी की कथित पॉलिसी की भी इन दिग्गज कांग्रेसी नेताओं आलोचना की थी.

पार्टी की लाइन से इतर हट कर आर्टिकल 370 पर बीजेपी सरकार के फैसले के समर्थन में बोलने वालों में दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, पार्टी के थिंक टैंक शशि थरूर और जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे नेता शामिल थे. हालांकि इन नेताओं की कड़ी आलोचना भी पार्टी के कई नेताओं ने की थी. अब पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी ही पार्टी के इन नेताओं को पार्टी के विनाश के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

पार्टी को इन नेताओं के खिलाफ करनी चाहिए कार्रवाई

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने बुधवार को यूपीए सरकार में मंत्री रहे जयराम रमेश पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जयराम रमेश ही यूपीए-2 की सरकार में हुए पॉलिसी पैरालिसिस के लिए जिम्मेदार थे. मोइली ने पीएम मोदी की तारीफ करने के लिए शशि थरूर पर भी हमला बोला. इन दोनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के बयानों की आलोचना करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री मोइली ने कहा कि इनके खिलाफ सख्त अनुशानात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि “पीएम मोदी के शासन का मॉडल ‘पूरी तरह नकारात्मक’ नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है.” इस पर पलटवार करते हुए मोइली ने रमेश पर बीजेपी के साथ सांठ-गांठ का आरोप लगा दिया.

मोइली ने पार्टी की लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाले नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि ये नेता ऐसे बयान देकर कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए कुछ काम नहीं कर रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये नेता सत्ता में रहने के दौरान मंत्रीपद की ताकतों का फायदा उठाते हैं और सत्ता से हटने के बाद सत्तापक्ष के साथ ब्रिज बनाने का काम करते हैं.

UPA-2 की पॉलिसी पैरालिसिस के लिए जयराम रमेश जिम्मेदार

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “वह (जयराम रमेश) हमारी सरकार (यूपीए-2) के पॉलिसी पैरालिसिस के लिए जिम्मेदार हैं और वह कई बार शासन के सिद्धांतों से समझौता करने के लिए भी जिम्मेदार हैं.” थरूर को लेकर भी मोइली ने तल्ख रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें कभी भी एक परिपक्व राजनेता के रूप में नहीं माना गया था.

मोइली ने कहा, “वह (शशि थरूर) अक्सर बयान देने और सुर्खियों में बने रहने के शौकीन हैं. बस इतना ही है.” उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उनके बयान को गंभीरता से लिया जा सकता है. उन्हें एक गंभीर राजनीतिज्ञ बनना होगा. यह हमारी अपील है.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस पार्टी उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करे और इन लोगों को भी चेतावनी दे.” उन्होंने कहा कि ये लोग पार्टी के भीतर रहकर पार्टी और उसकी विचारधारा को नुकसान नहीं कर सकते.

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