तमिलनाडु: AMMK का जल्द हो सकता है AIADMK में विलय! भाजपा निभा सकती है अहम भूमिका

शशिकला की अनुपस्थिति में AMMK चला रहे टीटीवी दिनाकरन ने दो दिन पहल ही दिल्ली का दौरा किया है. सत्ता में दो कार्यकाल से मौजूद AIADMK को विधानसभा चुनावों में DMK से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 8:11 am, Wed, 23 September 20

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मई 2021 में विधानसभा चुनाव हैं वहीं वी के शशिकला भी जनवरी 2021 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल से बाहर आ जाएंगी. ऐसे में संभावना बन रही है कि शशिकला के गुट वाली AMMK का AIADMK में जल्द विलय हो सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस विलय के संबंध में बीजेपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इसके लिए बातचीत का दौर जारी है और शशिकला की अनुपस्थिति में AMMK चला रहे टीटीवी दिनकरन ने दो दिन पहल ही दिल्ली का दौरा किया है. सत्ता में दो कार्यकाल से मौजूद AIADMK को विधानसभा चुनावों में DMK से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

जयललिता की मौत के बाद ये पहली बार है कि पार्टी ख़राब स्थिति में है और डीएमके लगातार राज्य में अपनी स्थिति को मज़बूत कर रही है. जयललिता की मृत्यु के बाद AIADMK टूट गई थी, इस दौरान ओ पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट को सत्ता पर कब्जा मिला वहीं शशिकला के सहयोगियों के बाहर का रास्ता देखना पड़ा. विलय की बात इसलिए भी सामने आ रही है क्योंकि 2021 में बैंगलौर जेल से शशिकला की रिहाई हो सकती है.

शशिकला के लिए महत्वपूर्ण पद की मांग

सूत्र बताते हैं कि अगर सब कुछ सही रहा तो शशिकला की जल्द रिहाई हो सकती है. विलय के संबंध में दिनकरन का कहना है कि उनकी चाची शशिकला का पार्टी का महासचिव बनाया जाए और उन्हें भी पार्टी में महत्वपूर्ण पद मिले. हालांकि सरकार की बागडोर पलानीडस्वामी और पनीरसेल्वम की जोड़ी के हाथ में जबकि पार्टी की बागडोर शशिकला के हाथ हो सकती है.

एक साल से भाजपा बना रही दबाव

AIADMK के नेता और वरिष्ठ मंत्री का माना है कि शक्तियों के विभाजन पर ज़्यादातर पार्टी नेता सहमत होंगे. उनके मुताबिक भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पिछले एक साल से विलय के लिए दबाव बना रहा है. अम्मा (जयललिता) की मृत्यु के बाद पार्टी में कोई निर्विवाद नेता नहीं.

भाजपा के एक नेता ने कहा कि बेशक AIADMK को एकजुट होकर DMK के खिलाफ लड़ने की ज़रूरत है. शशिकला अपनी सज़ा काट चुकी हैं और वो अछूत नहीं हैं. शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में फरवरी 2017 में 4 साल की सज़ा हुई थी.