2019 ELECTIONS: तमिलनाडु में भाजपा ने AIDMK से मिलाया हाथ, इतनी सीटों पर बनी बात

Share this on WhatsAppचेन्नई. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIDMK) और भारतीय जनता पार्टी(BJP) ने मंगलवार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए हाथ मिला लिया है. तमिलनाडु और पुडुचेरी की 40 लोकसभा सीटों पर गठबंधन की मुहर लग गई है. भाजपा के खाते में तमिलनाडु की 5 लोकसभा सीटें आई हैं. इसके अलावा इस गठबंधन […]

चेन्नई. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIDMK) और भारतीय जनता पार्टी(BJP) ने मंगलवार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए हाथ मिला लिया है. तमिलनाडु और पुडुचेरी की 40 लोकसभा सीटों पर गठबंधन की मुहर लग गई है. भाजपा के खाते में तमिलनाडु की 5 लोकसभा सीटें आई हैं. इसके अलावा इस गठबंधन में पट्टल मक्कल काची (PMK) भी शामिल है, उसको 7 लोकसभा सीटें और एक राजयसभा सीट मिली हैं. साथ ही भारतीय जनता पार्टी और PMK विधानसभा उपचुनाव की 21 सीटों पर AIDMK का समर्थन करेंगी.

पन्नीरसेल्वम ने कहा
तमिलनाडु के डिप्टी सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम(OPS) ने कहा कि “AIDMK और भाजपा के बीच लोकसभा चुनाव के लिए महगठबंधन हो गया है, जोकि विजयी साबित होगा. उन्होंने साथ ही घोषणा की, लोकसभा चुनाव में भाजपा 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और हम तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक साथ चुनाव लड़ेंगे.”


पियूष गोयल ने कहा
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता पियूष गोयल ने कहा कि, “हम तमिलनाडु की 21 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में AIADMK का समर्थन करेंगे. हम राज्य में OPS और EPS के नेतृत्व में और केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के लिए सहमत हुए हैं.” EPS यानी के. पलानीस्वामी, जोकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं।

PMK ने AIDMK के सामने कई शर्तें रखीं हैं
PMK संस्थापक एस.रामदॉस ने संवाददाताओं से कहा, “यह एक बड़ा व मजबूत गठबंधन है जो लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करेगा.” उन्होंने कहा कि पार्टी ने कई शर्तें रखीं हैं, जिसे AIDMK को पूरा करना है। रामदॉस ने कहा कि अन्नाद्रमुक से किए गए आग्रह में, कावेरी डेल्टा क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मामले में दोषी करार दिए गए सात लोगों को रिहा करने, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का क्रियान्वयन करने, कर्नाटक को मेकादातू में कावेरी पर बांध बनाने से रोकने, किसानों की कर्जमाफी व सामान्य मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट से राज्य को छूट देने पर कदम उठाना शामिल है।”