Air Force चीफ भदौरिया ने तेजस में भरी उड़ान, पढ़ें वायुसेना में शामिल दूसरी स्क्वाड्रन क्यों है खास

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) ने तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर वायु सेना की 18वीं स्क्वाड्रन को सौंपा. इस स्क्वाड्रन का नाम फ्लाइंग बुलेट्स दिया गया है.
Air Chief Marshal, Air Force चीफ भदौरिया ने तेजस में भरी उड़ान, पढ़ें वायुसेना में शामिल दूसरी स्क्वाड्रन क्यों है खास

भारतीय वायुसेना (Air Force) के लिए आज का दिन (27 मई, 2020) बेहद खास है. वायुसेना को आज तेजस लड़ाकू विमानों (Tejas Fighter Aircraft) का नया और दूसरा स्क्वाड्रन मिल गया. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) ने तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर वायु सेना की 18वीं स्क्वाड्रन को सौंपा.

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इस स्क्वाड्रन का नाम फ्लाइंग बुलेट्स दिया गया है, जिसकी शुरुआत एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया ने की. खुद वायुसेना प्रमुख ने तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी. उन्होंने सिंगल सीटर लड़ाकू विमान तेजस को उड़ाया.


वायुसेना में शामिल दूसरी स्क्वाड्रन की खासियतें-

  • एयरफोर्स की 18वीं स्क्वाड्रन अब हल्के लड़ाकू विमान (Light Combat Aircraft) तेजस से लैस हो चुकी है.
  • तेजस विमान उड़ाने वाली एयरफोर्स की यह दूसरी स्क्वाड्रन होगी. इससे पहले 45 वीं स्‍क्वाड्रन ऐसा कर चुकी है.
  • आज इस कार्यक्रम का आयोजन तमिलनाडु के कोयम्बटूर के पास सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पर किया गया.
  • यह स्क्वाड्रन LCA तेजस विमान से लैस है.
  • 15 अप्रैल, 1965 को गठित यह स्क्वाड्रन अपने आदर्श वाक्य ‘टेवरा और निर्भया’ जिसका अर्थ होता है ‘स्विफ्ट एंड फीयरलेस’ के साथ अबतक मिग- 27 विमान उड़ा रहा था.

  • इससे पहले इसे 15 अप्रैल, 2016 को नंबर प्लेट लगा दिया गया था.
  • स्क्वाड्रन को इस साल एक अप्रैल को फिर से शुरू किया गया है.
  • वायुसेना ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को HAL से खरीदा है.
  • नवंबर 2016 में वायुसेना ने 50,025 करोड़ रुपए में 83 तेजस मार्क-1ए की खरीदी को मंजूरी दी थी.
  • इस डील पर अंतिम समझौता करीब 40 हजार करोड़ रुपए में हुआ है. यानी पिछली कीमत से करीब 10 हजार करोड़ रुपए कम है.
  • लड़ाकू विमान तेजस एक चौथी पीढ़ी का हल्का विमान है. इसकी तुलना अपने जेनरेशन के सभी फाइटर जेट्स में सबसे हल्के विमान के तौर पर होती है.
  • स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही वायुसेना को इसी साल 36 रफाल लड़ाकू विमानों की पहली खेप फ्रांस से मिलने जा रही है.
  • वायुसेना में तेजस की नई स्क्वाड्रन की एंट्री ऐसे समय हुई है जब भारत की चीन और नेपाल के साथ तनातनी जारी है.

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