दिल्ली की बिगड़ती हवा से पशु-पक्षी भी परेशान, हो रहीं जानलेवा बीमारियां

अस्पताल में रोजाना करीब 12 से 15 ऐसे पक्षी पहुंच रहे हैं जिनको खराब हवा से दिक्कत हो रही है. डॉक्टर्स की मानें तो आने वाले समय में ऐसे पक्षियों की संख्या बढ़ सकती है.

Delhi NCR में लगातार खराब होते हवा के स्तर से इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी परेशान हैं. अक्टूबर के महीने में Delhi NCR में प्रदूषण काफी खराब स्तर तक पहुंच जाता है. जिसके चलते हर बार की तरह इस साल भी पशु पक्षियों में कई तरह की जानलेवा बीमारियां देखने को मिल रही हैं.

दिल्ली के चांदनी चौक स्थित जैन चैरिटेबल बर्ड हॉस्पिटल में ऐसे पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिनको सांस लेने में समस्या है या जिनकी बीमारी की वजह लगातार खराब होती हवा की गुणवत्ता है. अस्पताल में रोजाना करीब 12 से 15 ऐसे पक्षी पहुंच रहे हैं जिनको खराब हवा से दिक्कत हो रही है. डॉक्टर्स की मानें तो आने वाले समय में ऐसे पक्षियों की संख्या बढ़ सकती है.

प्रदूषण से पक्षियों को हो रहा पैरालाइसिस

जैन चैरिटेबल बर्ड हॉस्पिटल में पक्षियों का इलाज कर रहे डॉक्टर हर अवतार सिंह बताते हैं के पक्षियों को प्रदूषण के चलते पैरालाइसिस की समस्या देखने को मिल रही है. वहीं फेफड़ों और सांस की बीमारियों से ग्रस्त पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

पालतू जानवरों को विशेष देख-भाल की ज़रूरत

बिगड़ती हवा से आसमान में उड़ने वाले पक्षी ही परेशान नहीं हैं, घरों की चारदीवारी में कैद होकर रहने वाले वह पालतू जानवर भी प्रदूषण की जद में आ चुके हैं. खराब हवा से बीमार पड़ने वाले पालतू जानवरों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी कमी आई है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं. ऐसे में डॉक्टर पालतू जानवरों का खास ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं.

दिल्ली के प्रीत विहार में पालतू जानवरों के क्लीनिक का संचालन वाले डॉक्टर अजय सूद ने बताया कि ‘पालतू कुत्ते और बिल्ली’ में सांस संबंधित बीमारियां प्रदूषण की ही देन हैं. दिवाली के बाद ऐसे जानवरों की संख्या बढ़ जाती है.  जानवरों के कान में जरूरत से ज्यादा वैक्स बनने लगता है जो कि उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. साथ जानवरों की आंख में जलन की शिकायत भी देखने को मिलती है.

Air Pollution, दिल्ली की बिगड़ती हवा से पशु-पक्षी भी परेशान, हो रहीं जानलेवा बीमारियां

सरकारों के उठाए कदम नाकाफी

डॉ मणिलाल वल्लीयाटे, लंबे समय से जानवरों के लिए काम करने वाले NGO PETA से जुडे़ हुए हैं. डॉ मणिलाल ने कहा- ‘जैसे हम इंसानों के लिए प्रदूषण तमाम स्तरों पर खतरनाक हो जाता है ठीक उसी तरह से जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक होता है, लेकिन हम जानवरों को होने वाली दिक्कतों को नजरअंदाज कर देते हैं. हमें तमाम पशु विशेषज्ञ डॉक्टर फोन करके बताते हैं कि प्रदूषण के चलते उनके यहां पर ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसकी और सरकार को खासतौर पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि हर तरह का प्रदूषण जानवरों के लिए जानलेवा है और इसकी वजह से कई प्रजातियां खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं.’

Delhi NCR में खराब हवा के लिए सड़क पर दौड़ते वाहनों और आसपास के राज्यों में खेतों में जलाई जाने वाली पराली को जिम्मेदार माना जाता है. वहीं कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट की मानें तो इस बार दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली 50 फीसदी कम जलाई गई है, नतीजतन पिछले साल के मुताबिक प्रदूषण कम हुआ है. लेकिन समाजसेवी कार्यकर्ता केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों को नाकाफी मानते हैं.