NSA डोभाल के आवास पर बड़ी बैठक, बाबा रामदेव-कल्बे जवाद समेत कई धर्मगुरु हुए शामिल

अजीत डोभाल के साथ बैठक में सभी सम्प्रदाय के धर्मगुरुओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर रविवार को सभी धर्मों के धर्मगुरुओं की बैठक हुई. बैठक में अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समाज में आगे किस तरह से शांति और सौहार्द कायम रहे, इस पर चर्चा हुई.

बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हुआ स्वागत
डोभाल के साथ बैठक में सभी सम्प्रदाय के धर्मगुरुओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. इस दौरान लोगों से इस फैसले को एकता और शांति के लिए अपनाने की अपील की गई.

इस बैठक में स्वामी रामदेव, अवधेशानंद गिरी (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा), स्वामी परमात्मानंद शामिल हुए. इस अवसर पर टीवी 9 ग्रुप के चैयरमैन कृष्णा रेड्डी भी मौजूद रहे. बैठक तकरीबन 2 घंटे तक चली.

शनिवार को भी डोभाल ने की थी बैठक
गौरतलब है कि अजीत डोभाल ने शनिवार को भी अवधेशानंद गिरि, स्वामी परमात्मानंद और बाबा रामदेव से उनके आवास पर मुलाकात की थी. डोभाल से मुलाकात के बाद अवधेशानंद गिरि ने कहा था कि ‘उन्होंने फैसले के बाद की स्थिति पर चर्चा की. साथ ही शांति बनाए रखने पर बातचीत हुई.

मालूम हो कि गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुबह में ही एनएसए अजीत डोभाल, खुफिया विभाग के प्रमुखों और मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की थी. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद गृहमंत्री ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक-एक कर फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली.

‘हिंदुओं का दावा मुसलमानों की तुलना में बेहतर’
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कहा कि विवादित भूमि पर हिंदुओं का दावा मुसलमानों द्वारा पेश किए सबूतों की तुलना में बेहतर पर है. कोर्टच ने विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का आदेश दिया और साथ ही इसके लिए एक ट्रस्ट की स्थापना के भी निर्देश दिए.

कोर्ट ने अयोध्या में मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने मुसलमानों को संभावित संतुलन के आधार पर भूमि का आवंटन आवश्यक माना.

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या पर अपना फैसला सुनाते हुए संतुलन को भी ध्यान में रखा, जबकि कोर्ट ने स्पष्ट प्रमाण भी देखे कि 1857 के समय बाहरी आंगन में हिंदुओं द्वारा पूजा की जाती थी.

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