पीएम मोदी के इस अहम मिशन को पूरा करेंगे अजीत डोभाल, पाकिस्तान भुगतेगा नतीजा

फिलहाल एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन हैं. धनोआ 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं.  माना जा रहा है कि सेना प्रमुख बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के प्रबल दावेदार होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) ने लाल किले की प्राचीर से एक अहम घोषणा की थी. ये भारतीय सेना के स्ट्रेटेडिक कमांड सिस्टम को लेकर था. मोदी ने Chief Of Defence Staff (COD) बनाने का एलान किया था जो सेना के तीनों अंगों के प्रमुख की तरह काम करेगा. इसी के पास देश के परमाणु हथियारों की कुंजी भी होगी. इसकी नियुक्ति से जुड़ी अहम जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ( Ajit Doval ) को सौंपी गई है.

हिंदुस्तान टाइम्मस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अजीत डोभाल ( Ajit Doval ) की अगुआई में एक कमेटी बनेगी. ये कमेटी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति के तरीकों और इस पद के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस तय करेगी. टर्म ऑफ रेफरेंस से ये तय होगा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पास कौन – कौन से अधिकार होंगे.

फिलहाल एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन हैं. धनोआ 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं.  माना जा रहा है कि सेना प्रमुख बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के प्रबल दावेदार होंगे.

कैबिनेट कमेटी ऑन सेक्युरिटी के मुताबिक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ 64 साल की उम्र में रिटायर होगा. इधर बिपिन रावत 31 दिसंबर 2019 को आर्मी चीफ के पद से रिटायर होंगे. उससे पहले ही उनकी नियुक्ति चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर हो सकती है.

अजीत डोभाल ( Ajit Doval ) जिस कमेटी को हेड करेंगे उसमें कैबिनेट सचिव, रक्षा सचिव, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव और चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन शामिल होंगे.

पाकिस्तान की पेशानी पर बल

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के बनने से सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर तालमेल हो सकेगा. वह वायु सेना, नौसेना और थल सेना की जरूरतों और प्राथमिकताओं को समझ कर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग करेगा.

सेना और सरकार के बीच पुल का काम करने के साथ – साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के हाथ में परमाणु हथियारों की कमान भी होगी. इससे सबसे ज्यादा बेचैन पाकिस्तान होगा. सेना के तीनों अंगों को आदेश देने में सक्षम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ देश की रक्षा से जुड़े फैसले जल्दी से कर सकेंगे.

ऐसी स्थिति में पाकिस्तान अगर कोई नापाक हरकत करता है तो किस तरह से मुंहतोड़ जवाब दिया जाए, ये तय करना आसान हो जाएगा.