जिस मामले में सोनिया-राहुल बेल पर, तेज हो सकती है उसकी जांच, ED ने दाखिल की पहली चार्जशीट

सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ आयकर विभाग की जांच चल रही है. दोनों को 2015 में एक ट्रायल कोर्ट ने जमानत दी थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने उस मामले में जांच तेज कर दी है जिसमें गांधी परिवार भी आरोपी है. सोमवार को ED ने कांग्रेस द्वारा स्थापित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच में चार्जशीट दायर की.

सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ आयकर विभाग की जांच चल रही है. दोनों को 2015 में एक ट्रायल कोर्ट ने जमानत दी थी. कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आयकर विभाग की जांच बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की शिकायत के बाद शुरू हुई.

ट्रायल कोर्ट के समक्ष शिकायत में सोनिया, राहुल और अन्‍य पर वित्‍तीय अनियमितताओं का आरोप है. AJL, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा नियंत्रित है, जिसमें गांधी परिवार भी शामिल है. यह समूह नेशनल हेराल्ड अखबार चलाता है.

ED की चार्जशीट धनशोधन रोकथाम अधिनियम  (PMLA) के प्रावधानों के तहत है. ED के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पंचकूला के सेक्टर छह में प्लाट नंबर सी-17 की खरीद, कब्जे से जुड़ी प्रक्रिया में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल होने के कारण आरोपियों के नाम आरोपपत्र में हैं.

अधिकारी ने कहा कि PMLA के तहत जांच में पता चला कि प्लाट को एजेएल को साल 1982 में आवंटित किया गया, लेकिन इसे एस्टेट अधिकारी एचयूडीए ने 30 अक्टूबर 1992 को वापस ले लिया, क्योंकि एजेएल ने आवंटनपत्र की शर्तो का पालन नहीं किया. उन्होंने कहा कि 1996 में पुनर्विचार याचिका के खारिज करने के बाद पुनर्ग्रहण आदेश दिया गया.

उन्होंने कहा, “हुड्डा ने अपने आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया और बेइमानी से उक्त प्लाट को पुनर्आवंटन की आड़ में नए सिरे से एजेएल को आवंटित किया, इसे मूल दर पर दिया गया और जरूरी शर्तो या एचयूडीए (हुडा) की नीति का उल्लंघन किया गया. यह आदेश 28 अगस्त 2005 को दिया गया.”

ED ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर 2016 में PMLA शिकायत दर्ज की थी.

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