Ayodhya Case: अजमेर शरीफ के दीवान के बेटे की देशवासियों से अपील, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें

‘ये वक्त ऐसा जब हिदुस्तान पर पूरे दुनिया की निगाहें हैं. हम सबको गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करनी चाहिये. दुनिया को हमको पैगाम देना है, हम अमन पंसद मुलक है.’
Supreme Court verdict in ayodhya case, Ayodhya Case: अजमेर शरीफ के दीवान के बेटे की देशवासियों से अपील, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने से पहले जगह-जगह अमन चैन और शांति का पैगाम दिया जा रहा है. इसी बीच अजमेर शरीफ दरगाह के मुख्य इमाम के बेटे मौलाना सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत की.  सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन कॉउंसिल के चेयरमैन भी हैं.

‘दूसरी की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए’

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ”ये पुराना विवाद है. पूरे देशवासियों से अपील करता हूं कि जो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आए उसका सम्मान करें. उसको स्वीकार करें. न्याय की जीत होनी चाहिए ना कि कोई झगड़े फसाद की जीत होनी चाहिए. सबको न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करना चाहिए और एक दूसरी की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए.”

‘हिंदुस्तान पर पूरे दुनिया की निगाहें हैं’

”गरीब नवाज की दरगाह से हमेशा मोहब्बत और अमन का पैगाम गया है. अजमेर दरगाह में सभी धर्मों को मानने वाले आते हैं. ये ऐसा वक्त है कि हिंदुस्तान पर पूरे दुनिया की निगाहें हैं. हम सबको गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करनी चाहिए. दुनिया को हमको पैगाम देना है हम अमन पंसद मुल्क हैं.”

‘भारत सबसे बेहतर मुल्क है’

उन्होंने कहा, ”जहां तक बात है पाकिस्तान की तो पाकिस्तान को हमारे आंतरिक मामलों में किसी भी तरह से बोलने का अधिकारी नहीं है. वो खुद के मुल्क में देखे जो अंतकवाद से भरा हुआ है. वहां के लोग बुरी तरह से अंतकवाद से परेशान हैं. गरीबी से परेशान हैं. पाकिस्तान उनको देखे ज्यादा अच्छा है. पाकिस्तान, हिंदुस्तान के मामले में ना देखे यहां का मुसलमान पाकिस्तान के मुसलमानों से ज्यादा खुशहाल है. ज्यादा सुरक्षित है. भारत सबसे बेहतर मुल्क है मौजूदा दौर में मुसलमानों के लिए.”

करतारपुर कॉरिडोर पर शुल्क को बताया गलत

उन्होंने कहा, ”करतारपुर कॉरिडोर की बात आप जो कर रहे हैं वो सिख समुदाय की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ विषय है. हमारा मानना है कि किसी धार्मिक स्थल पर किसी भी तरह के दर्शन के लिए या जियारत के लिये किसी भी किस्म का शुल्क या पैसा नहीं लेना चाहिए. पाकिस्तान जो 20 डॉलर का शुल्क वहां पर लगा रहे हैं वो बिलकुल गलत तरीका है. इस्लामिक मुल्क होने के नाते पाकिस्तान का फर्ज बनता है की सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करें और इस तरह की हरकतों से बाज आए.”

‘अजमेर दरगाह में ऐसा नहीं हुआ’

”किसी भी धार्मिक स्थल पर आप दर्शन के लिए शुल्क लगा रहे है. पाकिस्तान ऐसा कर रहा है लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे. यहां पर अभी अजमेर दरगाह में ऐसा नहीं हुआ ना होगा. लेकिन पाकिस्तान के इस फैसले की हम निंदा करते हैं और भारत की सरकार से निवेदन करेंगे कि पाकिस्तान पर इस विषय में दबाव बनाया जाए.”

‘सामने वाले के धर्म को भी सम्मान की नजर से देखें’

उन्होंने कहा, ”भगवान श्रीराम हिंदुस्तान के करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र हैं और वो लोग उनको भगवान मानते हैं. हमारा फर्ज बनता है कि जो भी उनकी आस्था है उसका हम भी सम्मान करें. मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि आप सामने वाले के धर्म को भी सम्मान की नजर से देखें. किसी को बुरी नजर से ना देखें.”

‘पाकिस्तान को भारत का फोबिया हो गया’

”पाकिस्तान को सिर्फ आरएसएस का फोबिया नहीं हुआ है बल्कि पाकिस्तान को भारत का फोबिया हो गया है. हिंदुस्तान में कोई भी अच्छा काम होगा कोई भी अच्छी पहल होगी मोहब्बत या भाईचारे के काम होंगे वो पाकिस्तान को बर्दास्त नहीं होगा. पाकिस्तान का काम लोगों को नुकसान पहुंचाना रहा है. इस्लाम को बदनाम करने का काम इस वक्त पाकिस्तान की हुकूमत का है.”

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