‘RSS पर लगे बैन, नहीं तो देश को कर देंगे बर्बाद’ बोले अकाल तख्त जत्थेदार

पिछले शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत का मुसलमान सबसे ज्यादा सुखी है, क्योंकि हम हिंदू हैं.

सिख संगठन प्रमुख अकाल तख्त जत्थेदार ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह संगठन जिस तरह से काम कर रहा है उससे देश बंटेगा.

‘हां, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए. मेरा मानना है कि RSS मौजूदा समय में जिस तरह से काम कर रहा है उससे देश बंट जाएगा. संघ नेताओं के बयान देशहित में नहीं है.’ ये कहना है अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का.

अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ज्ञानी सिंह से पूछा गया कि RSS तो बीजेपी का वैचारिक मार्गदर्शक है और एक दूसरे से जुड़े हुए हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘फिर ये देशहित में नहीं है. यह विचारधारा देश को तबाह कर देगी, बर्बाद कर देगी.’

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सिख समुदाय और RSS के बीच का वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ रहा है. पिछले सप्ताह ही शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के ‘हिंदू राष्ट्र’ वाले बयान पर आपत्ति ज़ाहिर की थी.

पिछले शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत का मुसलमान सबसे ज्यादा सुखी है, क्योंकि हम हिंदू हैं.

उन्होंने कहा, ‘मारे-मारे यहूदी फिरते थे, अकेले भारत है जहां उनको आश्रय मिला. पारसियों की पूजा और मूल धर्म सुरक्षित केवल भारत में है. विश्व में सर्वाधिक सुखी मुसलमान, भारत में मिलेगा. ये क्यों है? क्योंकि हम हिंदू हैं.’

इससे पहले विजयदशमी के मौके पर रेशमीबाग मैदान में ‘शस्त्र पूजा’ के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा था, ‘भीड़ हत्या’ (लिंचिंग) पश्चिमी तरीका है और देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा था कि ‘लिंचिंग’ शब्द की उत्पत्ति भारतीय लोकाचार से नहीं हुई, ऐसे शब्द को भारतीयों पर ना थोपा जाए. इस दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की सराहना की जानी चाहिए. यह एक साहसिक कदम था.