‘कश्मीर के लोग घरों में बंद, सरकार बताए वहां क्या हो रहा है’

अखिलेश ने इस फ़ैसले को लोकतंत्र के लिए ख़तरा बोलते हुए कहा कि आज जो कश्मीर में हो रहा है वो कल हमारे और आपके साथ भी हो सकता है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा छीने जाने और अलग केंद्र प्रशासित राज्य बनाए जाने के बाद से प्रदेश के हालात को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है. उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कश्मीर के लोग घरो में बंद हैं. सरकार बताए कि वहां क्या हो रहा है. अगर फ़ैसला अच्छा था तो पहले जनता को भरोसे में लेना चाहिए था.’

अखिलेश ने इस फ़ैसले को लोकतंत्र के लिए ख़तरा बोलते हुए कहा कि आज जो कश्मीर में हो रहा है वो कल हमारे और आपके साथ भी हो सकता है. लोकतंत्र में नई परिपाटी बनी है, संस्थाओं पर नियंत्रण कैसे किया जाता है वह बीजेपी से सीखना चाहिए.

अखिलेश ने कहा कि ईडी, सीबीआई और डर यह नई चीज़ है. सरकार एक ही बार में अपराधियों की सूची जारी नहीं कर रही है.

वहीं बुलंदशहर मामले में आरोपियों को जमानत के बाद स्वागत किए जाने को लेकर भी अखिलेश ने सवाल खड़े किए हैं. ऐटा गैंगरेप मामले को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर पीड़िता को डराने का आरोप लगाया है.

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि विपक्ष के नेताओं और प्रेस के लोगों को श्रीनगर जाने का प्रयास करते समय प्रशासनिक क्रूरता और जम्मू कश्मीर के लोगों पर किये जा रहे बल के बर्बर प्रयोग का अहसास हुआ. अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद हालात का जायजा लेने के लिए कश्मीर जाने का प्रयास कर रहे राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं को राज्य प्रशासन ने शनिवार को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी और उन्हें वापस दिल्ली भेज दिया था.

राहुल ने एक ट्वीट में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजादी और नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाए हुए 20 दिन हो चुके हैं.’

न्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं और प्रेस को प्रशासनिक क्रूरता और जम्मू-कश्मीर के लोगों पर किये जा रहे बल के बर्बर प्रयोग का अहसास हुआ, जब हमने शनिवार को श्रीनगर जाने की कोशिश की. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने शनिवार के घटनाक्रम का एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें अधिकारी विपक्षी नेताओं और राहुल के सामने एक आदेश को पढ़ कर सुना रहे थे. वीडियो में दिखा है राहुल मीडिया से बात कर रहे थे और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ गए मीडियाकर्मियों से बदसलूकी और मारपीट की गयी.