कांग्रेस समेत 21 दल हुए मुखर, बोले- भारतीय सेना राजनीतिक इस्तेमाल के लिए नहीं

सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि- “देश की एकता अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार राष्ट्र को भरोसे में लेकर ही कोई कदम उठाए. इस मुश्किल घड़ी में हम सेना के साथ हैं. लापता पायलट को लेकर हम चिंतित हैं.”

नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान के बीच गंभीर होते हालात के बीच पहली बार 21 विपक्षी दलों ने दिल्ली में बैठक की. इस बैठक के बाद इन दलों ने बीजेपी और प्रधानमंत्री को टारगेट किया. इन दलों ने कहा कि भारतीय सेना राजनीतिक इस्तेमाल के लिए नहीं है. लेकिन इस सरकार ने अपने राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सेना का इस्तेमाल किया है.

बैठक में भारतीय सेना के शौर्य की तारीफ की गई और पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई. बैठक में पाकिस्तान की आज की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा भी की गई.राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि- “देश की एकता अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सरकार राष्ट्र को भरोसे में लेकर ही कोई कदम उठाए. इस मुश्किल घड़ी में हम सेना के साथ हैं. लापता पायलट को लेकर हम चिंतित हैं.”

राहुल गांधी का बयान आते ही बीजेपी ने उन पर सवाल उठा दिया. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि हमें उनसे सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. इन लोगों के बयानों का फायदा पाकिस्तान उठाता है. बीजेपी ने कहा कि कम-से-कम देश की सुरक्षा के मामले में इन्हें सरकार के साथ खड़े होना चाहिए.