हंगामे के बीच लोकसभा में पास हुए किसानों से जुड़े बिल, वोटिंग से पहले विपक्ष ने किया वॉकआउट

खेती किसानी से जुड़े बाकी दो बिलों को लेकर गुरुवार को लोकसभा (Lok Sabha) में काफी हंगामा हुआ. बिल पर वोटिंग से पहले ही कांग्रेस, लेफ्ट और डीएमके ने सदन से वॉकआउट कर दिया था.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:06 pm, Thu, 17 September 20

खेती किसानी से जुड़े अब तीनों अध्यादेश लोकसभा में पास हो गए हैं. अब ये बिल राज्यसभा में जाएंगे. इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार शाम तीन बजे तक के लिए स्थागित कर दी गई है.

किसानों से जुड़े दो बिलों को लेकर गुरुवार को लोकसभा में काफी हंगामा हुआ. बिल पर वोटिंग से पहले ही कांग्रेस, लेफ्ट और डीएमके ने सदन से वॉकआउट कर दिया था. सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि NDA का पुराना सहयोगी अकाली दल भी इन तीनों बिलों के विरोध में सरकार के खिलाफ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विधेयकों को ऐतिहासिक बताया और ट्वीट कर कहा, “लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयकों का पारित होना देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है. ये विधेयक सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे.”

इससे पहले गुरुवार को तीनों अध्यादेश के खिलाफ नरेंद्र मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया.

वहीं अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में कहा था कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि बिलों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे देंगी, क्योंकि सरकार ने पंजाब और हरियाणा के किसानों के चौतरफा विरोध के बावजूद कृषि से जुड़े दो और बिल लोकसभा में पेश कर दिए.

“पंजाब के 20 लाख किसान होंगे प्रभावित”

बादल ने साफ कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस बिल का सख्त विरोध करता है. हर बिल जो देश के लिए हैं, देश के कुछ हिस्से उसे पसंद करते हैं. कुछ हिस्सों में उसका स्वागत नहीं होता है. किसानों को लेकर आए इन तीन बिलों से पंजाब के 20 लाख किसान प्रभावित होने जा रहे हैं. 30 हजार आढ़तिए, तीन लाख मंडी मजदूर और 20 लाख खेत मजदूर इससे प्रभावित होंगे.

इन विधेयकों के नाम हैं:

  • किसानों के उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक
  • मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा विधेयक पर किसानों (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता विधेयक
  • आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक

इनमें से तीसरा बिल लोकसभा में 15 सितंबर को ही पास हो गया था, जिसके बाद बाकी बचे दो बिल भी गुरुवार को सरकार ने ध्वनिमत से लोकसभा में पास करा लिए हैं.