क्या है ‘मिशन शक्ति’, क्यों किया गया टेस्ट, पढ़ें आपके हर सवाल का जवाब

इस टेस्ट के जरिए भारत का मकसद किसी देश को चुनौती देना बिलकुल भी नहीं है. लेकिन यह अंतरिक्ष में भारत की क्षमताओं को जरूर दर्शाता है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धता से देश को अवगत कराया. भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर दूर एक सैटलाइट को ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल से मार गिराया है. इस मिशन से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे.

क्या था मिशन?
27 मार्च, 2019 को भारत ने डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एक लॉन्च कॉम्पलेक्स एक एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘मिशन शक्ति’ का परीक्षण किया. यह डीआरडीओ द्वारा किया गया एक तकनीकी मिशन था. मिशन में उपयोग किया जाने वाला उपग्रह भारत के मौजूदा उपग्रहों में से एक था जो निचली कक्षा में काम कर रहा था. परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा और प्लान के मुताबिक सभी मापदंडों पर सही उतरा. बता दें कि इस परीक्षण के लिए बेहद सटीक और तकनीकी क्षमता की आवश्यकता होती है.

इस परीक्षण के साथ ही भारत ने एक सैटेलाइट को पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित सैटेलाइट के बूते आउटर स्पेस में मार गिराने की तकनीक हासिल कर ली है. भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन गया है.

कौन सी सैटेलाइट का हुआ इस्तेमाल?
इस परीक्षण में इस्तेमाल की गई सैटेलाइट भारतीय सैटेलाइट है. इस मिशन में डीआरडीओ की बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया गया था. जो कि मौजूदा बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम का हिस्सा है.

परीक्षण के बाद स्पेस से कोई मलबा धरती पर गिरेगा?
इस परीक्षण के बाद जो मलबा बचा है वह आने वाले कुछ दिनों के भीतर धरती पर ही गिरेगा. हालांकि इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा.

भारत ने क्यों किया यह परीक्षण?
भारत ने यह परीक्षण यह सत्यापित करने के लिए किया था कि भारत में अपनी अंतरिक्ष संपत्ति की सुरक्षा करने की क्षमता है. भारत पहले भी मंगलयान और गगनयान मिशन से पहले भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है.

क्या किसी देश के खिलाफ है यह परीक्षण?
यह परीक्षण किसी देश के खिलाफ नहीं है. भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं से किसी देश को खतरा नहीं है और न ही वे किसी के खिलाफ निर्देशित हैं. इसी के साथ भारत सरकार अंतरिक्ष से होने वाले किसी भी हमले से देशवासियों को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार है.