करीब से जानिए, एमपी के सीएम कमलनाथ के इन करीबियों को जिनके ठिकानों से निकल रहा खजाना

शनिवार रात 12 बजे इनकम टैक्स विभाग की टीम ने दिल्ली, भोपाल, इंदौर और गोवा के 50 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं. ये सारी छापेमारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर की गई.

नई दिल्ली: हिंदुस्तान का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में बीती रात से खलबली मची हुई है. शनिवार रात 12 बजे इनकम टैक्स विभाग की टीम ने दिल्ली, भोपाल, इंदौर और गोवा के 50 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं. ये सारी छापेमारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर की गई है. इसमें खासतौर पर उनके भांजे रतुल पुरी, पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और पूर्व राजनीतिक सलाहकार राजेंद्र मिगलानी को घेरा गया है. इन तीनों में भी जिस शख्स की चर्चा सबसे ज़्यादा है वो प्रवीण कक्कड़ हैं. अब हम बताते हैं कि इन सबके बारे में विस्तार से…

प्रवीण कक्कड़( सीएम कमलनाथ के पूर्व ओएसडी)
इनके बारे में सबसे पहले और सबसे ज्यादा जानना बेहद जरुरी है. प्रवीण कक्कड़ 1983 बैच के आईपीएस रहे हैं. कक्कड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया था. वो गोल्ड मेडलिस्ट रहे. उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. पुलिस अधिकारी रहने के दौरान ही वो कई मामले में चर्चित रहे. कांतिलाल भूरिया, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से उनकी नज़दीकियां पुरानी हैं. साल 2004 में नौकरी छोड़कर कक्कड़ ने अपना व्यापार शुरू किया था. इसी दौरान वो कांग्रेस नेता भूरिया के ओएसडी बन गए. भूरिया 2004 से 2011 तक केंद्रीय मंत्री थे. पिछले साल दिसंबर महीने में सीएम कमलनाथ ने भी उन्हें अपना ओएसडी नियुक्त किया. उनसे पहले भूपेंद्र गुप्ता कमलनाथ के ओएसडी थे.

इसके अलावा कक्कड़ की चर्चा एक कुशल फंड मैनेजर के तौर पर भी होती है. कहा जाता है कि कांतिलाल भूरिया जब मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ थे तब विधानसभा चुनाव के लिए कक्कड़ ने ही फंड मैनेज करने का काम किया. मोदी लहर में भी कक्कड़ ने ज़बरदस्त रणनीति बनाकर रतलाम-झाबुआ सीट से कांतिलाल भूरिया की जीत में अहम भूमिका निभाई और तारीफ हासिल की. विधानसभा चुनाव में भी कक्कड़ ने काफी काम किया. पहली बार कांग्रेस ने सोशल मीडिया, डाटा और लीगल का एक ज्वाइंट वॉर रूम बनाया था जिसकी ज़िम्मेदारी कक्कड़ पर ही थी. उन्होंने चुनाव में इसकी योजना बनाने और लागू करने में अहम रोल निभाया.

राजेंद्र मिगलानी (कमलनाथ के बेहद करीबी )
मिगलानी करीब 30 वर्ष से कमलनाथ से जुड़े हैं. जब कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने मिगलानी को अपना सलाहकार नियुक्त किया. मुख्यमंत्री से कौन- कब मिलेगा इसके साथ ही उनके अन्य कामों को भी मिगलानी ही संभालते हैं. आयकर विभाग ने मिगलानी के दिल्ली में ग्रीन पार्क कॉलोनी स्थित घर पर कार्रवाई की है.

प्रतीक और अश्विन (आर्म्ड डीलर )
प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा भोपाल के आर्म्ड डीलर हैं. दोनों आपस में रिश्तेदार भी हैं. आयकर विभाग ने घर से नौ करोड़ रुपए मिलने की पुष्टि की है. दोनों की सीएम हाउस तक सीधे पहुंच थी. बताया जा रहा है कि प्रवीण कक्कड़ इन्हीं के माध्यम से डीलिंग करता था. अश्विन शर्मा की कई भाजपा नेताओं से भी नजदीकियां होने की बात भी सामने आई है.