व्यंग्य: ISRO की मदद के लिए सामने आया यह शख्स, विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की कर रहा कोशिश

क़रीब 55 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देशभक्त शख़्स को ज़मीन पर उतारा गया.

इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के वैज्ञानिकों की चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की उम्मीद भले ही ख़त्म होती जा रही हो, लेकिन कोई है जो अभी भी प्रयास कर रहा है.

प्रयागराज में एक शख़्स दिन रात इसी सोच में डूबा हुआ है. परेशान होकर मंगलवार को अचानक ही वो लैंडर विक्रम का सिग्नल ढूंढ़ता हुआ सड़कों पर दौड़ने लगा. हाथ में तिरंगा लहराता हुआ बेसुध दौड़ता रहा. तभी अचानक उसे कुछ सिग्नल मिला. वो सिग्नल के क़रीब जाना चाहता था.

उसे महसूस हुआ कि वो जैसे-जैसे ऊंचाई पर जा रहा है सिग्नल बढ़ता जा रहा है. उसका पूरा ध्यान सिग्नल पर केंद्रित था. वो आगे-पीछे कुछ देख ही नहीं रहा था. देखते ही देखते वो यमुनापार इलाके को जोड़ने वाले प्रयागराज पुल पर चढ़ गया.

पुल के दोनों ओर 200 फीट की ऊंची दीवारें थी. उसने देखा कि जैसे ही वो दीवार पर चढ़ रहा है सिग्नल तेज़ होता जा रहा है. हाथ में तिरंगा लिए हुए वो दीवार के सबसे ऊंचे छोर पर पहुंच गया.

इतनी ऊंचाई पर आकर सिग्नल बिजली की रफ्तार से मिल रहा था. वो ख़ुश था कि जो काम इसरो और नासा के वैज्ञानिक नहीं कर पा रहे हैं वो करने में सफल हो रहा है. सिग्नल भरपूर था लेकिन यह लैंडर विक्रम का नहीं था.

शख़्स थोड़ा दुखी हुआ लेकिन वह हार मानने वाला नहीं था. उसने तय किया कि कुछ भी हो जाए लैंडर विक्रम से संपर्क किए बिना वापस नहीं उतरेगा. बाकी के सिग्नल आ रहे हैं तो लैंडर विक्रम का भी आएगा. बस थोड़ा इंतज़ार करना होगा.

इधर सड़क पर कुछ लोग यूं ही हंगामा काटने लगे. पागल थे. उन्हें लगा कि वो शख़्स आत्महत्या करना चाहता है. फिर क्या था देखते ही देखते सड़क पर भीड़ इकट्ठा हो गई. उस देशभक्त को ज़मीन पर उतारने के लिए वाराणसी से हाइड्रोलिक लिफ्ट मंगाई गई. पुलिस ने उसे उतारने की पूरी कोशिश की लेकिन जब बात नहीं बनी तो परिवार को बुलाया गया. एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची.

क़रीब 55 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देशभक्त शख़्स को ज़मीन पर उतारा गया. युवक की पहचान भारतगंज के रजनीकांत यादव के रूप में हुई. पता चला कि वह मानसिक विक्षिप्त है और पहले भी ऐसा करता रहा है. यादव पिछले साल अक्टूबर में गांव में गोशाला बनवाने की मांग को लेकर पुल पर चढ़ गया था.

रजनीकांत ने कहा कि जब तक इसरो विक्रम से संपर्क स्थापित नहीं कर लेगा, वह चंद्रदेव से आग्रह करेगा. यादव सोमवार को पूरी रात पुल पर चढ़ा रहा.