जया बच्चन के दावों को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने किया खारिज

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने पूरे मामले के बारे में जिलाधिकारी और एसएसपी को भी लिखा है और महिला छात्रावास और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती का अनुरोध किया है.

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के उस दावे का जोरदार खंडन किया है, जिसमें उन्होंने परिसर में स्थित महिला छात्रावास में सुरक्षा संबंधी खामियां होने की बात कही है. जया बच्चन ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा में मुद्दा उठाया था.

यूनिवर्सिटी ने जानकारी दी कि छात्राओं के लिए छात्रावास सुरक्षित हैं.

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ (अवरव) की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह को भी गुरुवार को कथित तौर पर ठेकेदार के लोगों को परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए नोटिस जारी किया है, जिन्हें महिला छात्रावास में सिविल वर्क के संबंधी काम सौंपा गया था.

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने ऋचा को एक हॉस्टल में उन्हें अलॉट कमरे में अवैध रूप से कब्जा करने के लिए नोटिस जारी किया. उन्हें सभी पिछले बकाया का भुगतान करने और रविवार तक कमरा खाली करने को कहा गया है.

चीफ डॉक्टर प्रोफेसर आर.एस. दुबे और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू), प्रोफेसर हर्ष कुमार द्वारा साइन नोटिस में हॉस्टल में कमरों के अलॉटमेंट के लिए नियमों का उल्लेख किया गया है.

पत्र में कहा गया है कि सिंह को 6 जुलाई, 13 सिंतबर, 4 नवंबर और फिर 29 नवंबर को कमरा खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था कि वह वर्तमान में अवैध रूप उन्होंने कमरे पर कब्जा कर रखा है.

सिंह एक राजनीतिक पार्टी (समाजवादी पार्टी) से करीबी रूप से जुड़ी हुई है. उन्होंने इसके टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा है और वह पार्टी प्रवक्ता भी हैं. उन्हें अलॉट कमरे का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए करना नियमों के खिलाफ है.

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने पूरे मामले के बारे में जिलाधिकारी और एसएसपी को भी लिखा है और महिला छात्रावास और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती का अनुरोध किया है.

ये भी पढ़ें: