कई देशों के टीचर्स की मेंटर-50 हजार बच्चों को पढ़ाया मैथ्स, 81 साल की उम्र में भी दे रहीं ऑनलाइन क्लासेज

अय्यर (Ambuja Iyer) की विनम्रता, गणित को पढ़ाने (Teaching Maths) का यूनीक स्टाइल और लोगों की मदद करने की सच्ची इच्छा उन्हें अपने छात्रों के बीच खास बनाती है.

PS- Facebook@ambujaiyermathforum

81 साल की अंबुजा अय्यर (Ambuja Iyer) एक गणित शिक्षिका (Math Teacher) हैं. इस उम्र में भी अंबुजा गणित की ऑनलाइन क्लासेज (Math Online Classes) देती हैं. भारतीय शिक्षा (Indian Education) के क्षेत्र में पायनियर, अंबुजा अय्यर ने लगभग 50 हजार छात्रों को गणित पढ़ाया है. अय्यर की विनम्रता, गणित को पढ़ाने का यूनीक स्टाइल और लोगों की मदद करने की सच्ची इच्छा उन्हें अपने छात्रों के बीच खास बनाती है. पढ़ाई के इस नए मोड यानि ऑनलाइन क्लासेज में भी अय्यर का जज्बा आज भी वही है, जो कि 50 साल पहले था.

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विदेशी टीचर्स की भी हैं मेंटर

कई टीचर्स को ऑनलाइन गणित पढ़ाने के दौरान, संघर्ष करते हुए देखने के बाद अंबुजा अय्यर ने ऑनलाइन गणित पढ़ाने का फैसला लिया. उन्होंने कुछ उपयोगी टिप्स और कुछ अच्छा कंटेंट तैयार किया और फिर व्हाट्सएप पर 50 अन्य टीचर्स के साथ एक मैथ फोरम की शुरुआत की. इस फोरम के जरिए उन्होंने मैथ्स टीचर्स को मेंटर करना शुरू किया है. आज की डेट में इस ग्रुप से 200 सदस्य जुड़ चुके हैं.

फोरम के अलावा अंबुजा अय्यर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को ऑनलाइन गणित पढ़ाती हैं. उनकी ये क्लासेज एकदम मुफ्त होती हैं. इतना ही नहीं अपने फोरम के जरिए अंबुजा अय्यर केवल भारत में ही नहीं बल्कि यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन और इंडोनेशिया में भी टीचर्स को मेंटर करती हैं.

ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाने में नहीं अंतर

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अंबुजा अय्यर कहती हैं कि मैं छात्रों को गणित के डर से निकलने में मदद करना चाहती हूं और उन टीचर्स की भी मदद करना चाहती हूं, जो अचानक शुरू की गईं ऑनलाइन क्लासेज के कारण बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं. मुझे लगता है कि ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाने में बहुत अंतर नहीं है. गणित वही रहता है, लेकिन अगर टीचर्स को दिलचस्प कंटेंट बनाने के लिए मदद मिलती है, तो वे आत्मविश्वास हासिल करते हैं.

उन्होंने कहा कि मेरे लिए पढ़ाना वर्ग, जाति-पंथ या रंग से परे है. कई गरीब छात्र गणित सीखने के लिए मेरे पास आते हैं. यह उनकी आंखों में आशा और आकांक्षा है जो मुझे उन्हें सिखाने के लिए प्रेरित करती है और इस महामारी के दौरान, ऑनलाइन के माध्यम से सिखाना आसान हो गया है.

मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई

अबुंजा अय्यर ने कहा कि मेरी खासियत यह है कि मैंने कभी अपने छात्रों को किसी भी तरह का होमवर्क नहीं दिया. मैं कहूंगी कि एक टीचक के रूप में मेरी यात्रा निपुण है, लेकिन मैं ऐसा नहीं कहूंगी, क्योंकि यह अभी खत्म नहीं हुई है. मैं उम्र के 81 पढ़ाव देख चुकी हूं और मैं अभी भी अपने समूचे शुरुआती उत्साह के साथ ही पढ़ाना जारी रखे हुए हूं.

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