जब अमेरिकी कुत्‍तों ने बगदादी को दौड़ाया, वो रोता-चीखता भागा और फिर…, VIDEO

ट्रंप ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि शनिवार को स्पेशल फोर्सेज की छापेमारी के बाद बगदादी ने खुद को अपने आत्मघाती जैकेट से उड़ा लिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump ) ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) चीफ अबू बक्र अल-बगदादी (Abu-Bakr-Al-Baghdadi) के मारे जाने की पुष्टि की है. साथ ही ट्रंप ने बताया कि कैसे चार घंटे तक चले इस ऑपरेशन में बगदादी को घेरा गया उसके बाद खूंखार आतंकी ने खुद को बम से उड़ा लिया.

ट्रंप ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि शनिवार को स्पेशल फोर्सेज की छापेमारी के बाद बगदादी ने खुद को अपने आत्मघाती जैकेट से उड़ा लिया. उन्‍होंने कहा कि “अमरीकी कुत्तों ने बगदादी को दौड़ाया और वो लगातार रो रहा था, चीख रहा था और चिल्ला रहा था.” ट्रंप ने बताया कि जैसे ही अमेरिकी कमांडो उसके नजदीक पहुंचे वैसे ही भागने की कोशिश में जुट गया लेकिन अमेरिकी जवानों ने उसको चारों तरफ से घेर लिया था और जब वो समझ गया कि वो भाग नहीं पाएगा तो उसने अपने तीन बच्चों समेत बम से उड़ा लिया.

ट्रंप ने बताया कि धमाका इतनी तेज था कि सभी कि चिथड़े उड़ गए. किसी की पहचान कर पाना मुश्किल था. ट्रंप के मुताबिक, पहले घर से 11 बच्‍चों को बाहर निकाला गया. बगदादी अपने तीन बच्‍चों के साथ सुरंग के रास्‍ते बदलने की फिराक में था. इसके बाद उसने आत्‍मघाती जैकेट का बटन दबा दिया.” पूरा ऑपरेशन करीब चार घंटे चला.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की. ट्रंप ने कहा- “Abu Bakr Al-Baghdadi is dead.” ट्रंप ने कहा, “पिछली रात अमेरिका ने दुनिया के नंबर एक आतंकी के साथ न्‍याय कर दिया. अबु बक्र अल-बगदादी मारा गया. वह ISIS का संस्‍थापक और नेता था, जो दुनिया का सबसे बेरहम और हिंसक संगठन है.”

US आर्मी ने बगदादी के खिलाफ अभियान चलाया था. उत्तरपूर्व सीरिया में शनिवार को अमेरिकी बलों द्वारा की गई एक छापेमारी में बगदादी मारा गया. ख़बर आने के फौरन बाद, ट्रंप ने ट्वीट किया था, “कुछ बहुत बड़ा अभी घटित हुआ है.”

“Abu Bakr Al-Baghdadi is dead”
अल-बगदादी को दुनिया को मोस्‍ट वांटेड क्रिमिनल माना जाता था. उसे अमेरिका ने अक्टूबर 2011 में आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया और उसके पकड़े जाने या मौत पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था.

बगदादी आखिरी बार जुलाई 2014 में मोसुल में अल नूरी मस्जिद में सार्वजनिक तौर पर सामने आया था. इस मस्जिद पर इराकी सुरक्षा बलों ने जून 2017 में कब्जा कर लिया था. इस साल अगस्त में IS ने अल-बगदादी का एक नया आडियो संदेश जारी किया.