कश्मीर पर मध्यस्थता से ट्रंप का इनकार, कहा- भारत-पाक मिलकर सुलझाएं मसला

भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला ने कहा कि अमेरिका अपनी दशकों पुरानी नीति पर कायम है.

नई दिल्ली: कश्मीर (Kashmir) को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) को अब एक और झटका लग गया है. और यह झटका किसी और ने नहीं सुपरपॉवर अमेरिका (America) ने दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने यह पूरी तरह से साफ़ कर दिया है कि वह कश्मीर में मध्यस्थता (Mediation) के चक्कर में नहीं पड़ेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति (US President ) की तरफ से कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर एक द्विपक्षीय मसला है. अमेरिका इस मामले में नहीं पड़ेगा. इस मसले का दोनों देश ही हल निकालें. यह जानकारी अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला (India’s Ambassador Harsh Vardhan Shringla) की तरफ से दी गयी.

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सिंगला ने कहा कि अमेरिका (America) अपनी दशकों पुरानी नीति पर कायम है और वो यह है कि भारत और पाकिस्तान (Pakistan) मिलकर ही अपने इस मामले का हल निकालें. अमेरिका ने कहा है कि कश्मीर पर उनकी नीति जस की तस ही है.

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केंद्र सरकार की तरफ से अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू- कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य के दर्जे को वापस लिए जाने के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों को ‘शांति और संयम’ बनाए रखने की जरूरत है.

ट्रंप के दावे को भारत ने किया था खारिज
राष्ट्रपति ट्रंप (US President Donald Trump) ने अमेरिका दौरे पर आए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan’s PM Imran Khan) के साथ एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उनसे पाकिस्तान के साथ विवाद को लेकर मध्यस्थता का आग्रह किया है.

भारत ने तत्काल ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट कर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसा कोई आग्रह नहीं किया.