चीन से टकराव पर बोला भारत- LAC को लेकर कोई फेरबदल नहीं होगा, ताकत-संयम से करेंगे सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों ने पूर्वी लद्दाख में हजारों भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच, विशेष रूप से गालवान घाटी और पैंगोंग झील इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति का आकलन किया.
India confrontation with China, चीन से टकराव पर बोला भारत- LAC को लेकर कोई फेरबदल नहीं होगा, ताकत-संयम से करेंगे सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की पृष्ठभूमि में घटनाक्रम से परिचित लोगों ने बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की यथास्थिति में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं होने दिया जाएगा और चीनी सैनिकों द्वारा बनाए जा रहे माहौल का “ताकत और संयम” के साथ सामना किया जाएगा.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों ने पूर्वी लद्दाख में हजारों भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच, विशेष रूप से गालवान घाटी और पैंगोंग झील इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति का आकलन किया. इनमें से एक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “बॉटमलाइन यह है कि हम LAC पर यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं होने देंगे. हम इसकी इजाजत नहीं देंगे.”

चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना की सामान्य गश्त में बाधा डाली

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक उन्होंने आगे कहा, हमनें पहले भी ऐसी स्थिति का सामना किया है और हम इस स्थिति का सामना ताकत और संयम के साथ करेंगे. कई मायनों में, भारत की स्थिति 2017 में डोकलाम में 73-दिवसीय गतिरोध के दौरान अपनाए गए रूख का ही एक पुनरावृत्ति है, जब भारतीय सैनिकों ने चीनी पक्ष द्वारा तेजी से की जा रही लामबंदी के सामने अपना पक्ष रखा और स्थिति का मजबूती से सामना किया.

लोगों ने 22 मई के विदेश मंत्रालय के बयान को दोहराया कि भारतीय सैनिकों द्वारा सभी गतिविधियां लद्दाख और सिक्किम सेक्टर में LAC के भारतीय पक्ष में थीं. उन्होंने मंत्रालय के इस आरोप को भी दोहराया कि यह चीनी सैनिक थे जो भारतीय सेना द्वारा LAC के भारतीय हिस्से पर सामान्य गश्त में बाधा डाल रहे थे.

LAC पर हमने कोई उल्लंघन नहीं किया

उन्होंने कहा, “भारतीय सेना LAC के अलाइन्मेंट से पूरी तरह परिचित है. चीनियों ने भी इसी तरह की आपत्तियों को उठाया है और अतीत में भी (भारतीय सैनिकों की गतिविधि में बाधा डालने के लिए) इसी तरह के प्रयास किए हैं. मौजूदा परिस्थितियों में उनके इरादे स्पष्ट नहीं हैं.” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन हम बहुत दृढ़ हैं और बहुत स्पष्ट हैं कि हमने कोई उल्लंघन नहीं किया है.”

इस बैठक में शामिल एक दूसरे व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आगे के क्षेत्रों में भारत की निर्माण गतिविधियां गतिरोध के कारण बंद नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष दृढ़ता के साथ मौजूदा गतिरोध का सामना कर रहा है और उसने शांतिपूर्ण संसाधनों पर काम करते हुए उपयुक्त संसाधनों की तैनाती की है.

राजनयिक और अन्य स्तरों पर संपर्क जारी हैं

सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए 2019 में वुहान में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन और 2019 में ममल्लापुरम में जारी रणनीतिक मार्गदर्शन की प्रभावकारिता के बारे में अटकलों का जवाब देते हुए, उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों से निपटने के लिए स्थापित तंत्र जारी है और दोनों पक्ष स्थिति को संबोधित करने के लिए राजनयिक और अन्य स्तरों पर संपर्क किए.

पूरी डिटेल्स न बताते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य राजनयिक बातचीत, अलग-अलग स्तरों पर जारी है. वहीं अधिकारियों ने बुधवार को शुरू होने वाले तीन दिवसीय सेना कमांडरों के सम्मेलन के एजेंडे पर LAC पर गतिरोध को प्रमुखता से रखे जाने की उम्मीद है. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

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