इस्लामिक देशों ने भी ट्रिपल तलाक को दिया तलाक, फिर भी भारत में जारी रही ये कुप्रथा: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि साठ के दशक में कांग्रेस ने इसकी शुरुआत की बाद में दूसरे कुछ राजनीतिक दलों ने भी इसे आगे बढ़ाया, जिसे 2019 में नरेंद्र मोदी ने खत्म किया.

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्रिपल तलाक के मसले को लेकर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है. राजधानी दिल्ली स्थित कंस्टिट्यूशन क्लब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तुष्टिकरण की वजह से कुछ लोगों ने इसका (ट्रिपल तलाक) विरोध किया. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वोट बैंक के लिए सत्ता को बचाने के लिए कुछ राजनीतिक दलों ने ट्रिपल तलाक का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की वजह से यह कुप्रथा बनी रही.

अमित शाह ने कहा कि साठ के दशक में कांग्रेस ने इसकी शुरुआत की बाद में दूसरे कुछ राजनीतिक दलों ने भी इसे आगे बढ़ाया, जिसे 2019 में नरेंद्र मोदी ने खत्म किया. गृह मंत्री शाह ने बताया कि 19 देशों में से 16 देश जो घोषित रूप से इस्लामिक राष्ट्र हैं, वह ट्रिपल तलाक को तलाक बोल चुके हैं. उन्होंने कहा कि इसे कुरान का समर्थन प्राप्त नहीं है.

अमित शाह ने ट्रिपल तलाक बिल को मुस्लिम समाज के फायदे वाला बिल बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को आज भी शर्म नहीं है. कांग्रेस पार्टी वोट बैंक को संभालने के लिए विरोध कर रही है. अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में ट्रिपल तलाक को गैर इस्लामिक और गैर कानूनी करार दिया. अमित शाह ने कहा कि समाज के साथ यदि कोई रीति रिवाज कुप्रथा बन जाए तो उसे खत्म करना चाहिए.

तीन तलाक को लेकर उठ रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि हमने ट्रिपल तलाक में मेंटेनेंस का प्रावधान रखा है. ट्रिपल तलाक के बाद बच्चों के भरन-पोषण की जिम्मेदारी पति की होगी. मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण का काम बीजेपी ने किया है. नरेंद्र मोदी जी ने परिवारवाद और तुष्टिकरण की नीति को खत्म किया है.

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