राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट कांग्रेस के मुंह पर करारा जवाब, अमित शाह बोले मांगें माफी

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.

राफेल डील मामले में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद बीजेपी खेमे में ख़ुशी है. वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने इस फ़ैसले को विपक्ष के मुंह पर करारा जवाबा बताया है.

उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का राफेल डील केस में दायर सभी याचिका को ख़ारिज करना सवाल उठाने वालों के मुंह पर करारा जवाब है. आज के फ़ैसले ने एक बार फिर से मोदी सरकार की विश्वसनीयता को साबित किया है और स्पष्ट किया है कि हम लोग भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने में सफल रहे हैं.’

वहीं कांग्रेस द्वारा सदन की कार्रवाई में बार-बार रुकावट पैदा करने को लेकर शाह ने कहा, ‘अब यह साबित हो गया है कि राफेल मुद्दे को लेकर सदन की कार्रवाई में रुकवट पैदा करना शर्मनाक था. लोगों के हित में फ़ैसले लेकर सत्र का सही उपयोग किया जा सकता था. आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्लीनचिट देने के बाद बेवजह बवाल काटने वाली कांग्रेस और अन्य पार्टियों को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.’

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.

न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं केा खारिज कर दिया। 14 दिसंबर के फैसले में कहा गया था कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने में निर्णय निर्धारण की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई बात नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया कि इस सौदे के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.’’

पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल थे.