लोकसभा में अमित शाह ने ओवैसी से कहा- ‘डर आपके जेहन में पड़ा है तो मैं क्‍या करूं?’

अमित शाह ने कहा कि ओवैसी साहब सुनने की भी ताकत रखिए, जब ए राजा बोल रहे तो तब आप क्यों नहीं खड़े हुए, ऐसे नहीं चलेगा, सुनना भी पड़ेगा.

नई दिल्ली: एनआईए बिल में संशोधन के दौरान लोकसभा में तब हंगामा मच गया जब गृह मंत्री अमित शाह ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को बीच में टीका टिप्पणी को लेकर फटकार सुना दी. अमित शाह ओवैसी पर बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह के संबोधन के दौरान की जा रही टीका टिप्पणी को लेकर नाराज़ हो गए.

उन्होंने कहा, ‘मेरा सिर्फ यह कहना है कि अगर आप मुद्दे को लेकर सवाल खड़े करते हो तो फिर मापदंड अलग-अलग क्यों? जब ए राजा साहब बोलते हैं तो आप चुपचाप सुनते रहते हैं भले ही वो नियमों के विरुद्ध हो लेकिन जब सत्यपाल जी बोल रहे हैं तो आप बीच-बीच में टीका-टिप्पणी कर रहे हैं. मेरी इतनी ही बात है. डराने का कोई सवाल नहीं है लेकिन डर अगर आपके ज़ेहन में पड़ा है तो मैं क्या कर सकता हूं. ‘

जिसके बाद सदन में काफी हंगामा हुआ. विपक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही कैसे होगी यह सुनिश्चित करने का आधिकार स्पीकर का होता है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह सांसद के लिए नियम कैसे निर्धारित कर सकते हैं?

इससे पहले बीजेपी सांसद सत्यपाल सिंह ने एनआईए बिल पर बोलते हुए कहा कि आतंकवाद इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम उसे राजनीतिक चश्मे से देखते हैं जबकि हमें उससे मिलकर लड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुंबई ने आतंकवाद को खूब झेला है क्योंकि वहां भी इसे राजनीतिक आईने में देखा गया.

बीजेपी सांसद ने कहा कि हैदराबाद धमाकों में जब पुलिस ने कुछ अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले संदिग्धों को पकड़ा तो सीधे मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से कहा कि ऐसा मत कीजिए वरना आपकी नौकरी चली जाएगी.

सांसद के इस बयान पर ओवैसी ने आपत्ति जताई तो गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ओवैसी साहब सुनने की भी ताकत रखिए, जब ए राजा बोल रहे तो तब आप क्यों नहीं खड़े हुए, ऐसे नहीं चलेगा, सुनना भी पड़ेगा. इसके बाद सदम में फिर हंगामा हुआ तो अमित शाह ने कहा कि दोनों सदस्य जब बोल रहे हैं तो किसी को बीच में नहीं बोलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राजा और सत्यपाल के अलग-अलग बिन्दु हैं और डरा किसी को नहीं रहा हूं यह बात बात आपके जहन में है तो क्या किया जा सकता है.

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एनआईए बिल पर बोलते हुए डीएमके सांसद डी राजा ने कहा कि टू जी केस में मैंने तो खुद झेला है. मेरे खिलाफ जांच हुई, आरोपी बनाया गया और मुझे 7 साल इंतजार करना पड़ा, उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 15 दिन मुझसे पूछताछ की और बाद में पाया कि राजा न सिर्फ बेकसूर है बल्कि उसने जो किया वह भी सही है. उन्होंने कहा कि कानून का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, हमारे सामने टाडा और पोटा जैसे उदाहरण सामने हैं. राजा ने कलबुर्गी, गौरी लंकेश की हत्या का मामले उठाते हुए दक्षिणपंथी आतंकवाद के खिलाफ कानून लाने की अपील की.