राहुल गांधी पर अमित शाह का हमला, कहा- नहीं पढ़ा CAA कानून तो इटालियन में ट्रांसलेट कर भेज दूं

शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेताओं पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा, अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने चिरपरिचित अंदाज में राजस्थान के जोधपुर में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान अमित शाह ने कड़े लफ्जों से विपक्ष पर हमला बोला. शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेताओं पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा, अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए. अगर नहीं पढ़ा है तो मैं आपको इटली भाषा में इसका ट्रांसलेशन भेजने के लिए तैयार हूं.

अमित शाह की रैली की कुछ बड़ी बातें

1- भाजपा ने देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान का आयोजन किया है. क्यों ये आयोजन करना पड़ा? क्योंकि जिस कांग्रेस को वोटबैंक की राजनीति की आदत पड़ गई है, उसने इस कानून पर दुष्प्रचार किया है.

2- CAA पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई लोग, जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर आए हैं, उन्हें नागरिकता देने का कानून है. विपक्षी इसके खिलाफ एकजुट हो जाएं, लेकिन भाजपा इस फैसले पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी.

3- शरणार्थियों पर जो प्रताड़ना हुई है, इससे बड़ा मानवाधिकार का उल्लंघन कभी नहीं हुआ. वहां ये शरणार्थी भाई करोड़पति थे और आज उनके पास रहने की जगह नहीं है. वहां उनके पास कई बीघा जमीन थी और यहां उनके पास खाने को कुछ नहीं है.

4- ये महात्मा गांधी जी का वादा था, क्या वो सांप्रदायिक थे? जवाहरलाल नेहरू ने भी संसद में कहा था कि जो हिन्दू या सिख आये हैं , हम उन्हें नागरिकता देंगे, क्या वो सांप्रदायिक थे? सरदार पटेल, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद जैसे लोगों ने कहा था.

5- कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के डर से हिम्मत नहीं कर पाई. लेकिन 56 इंच की छाती वाले नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि ये जो लाखों करोड़ों शरणार्थी आएं हैं, इनके मानवाधिकार और सम्मान की रक्षा मैं करूंगा.

6- जो शरणार्थी अत्याचार झेलकर भारत आए हैं, जिनकी संपत्ति, रोजगार छीन लिया गया. जिसका परिवार छिन गया, और उनके लिए विपक्षी कहते हैं कि इन्हें नागरिकता नहीं दी जाए. मैं कहना चाहता हूं कि उन देशों से जो शरणार्थी आए हैं वो भारत के ही हैं.

7– ये नरेन्द्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. बेशुमार अत्याचार के बाद जो यहां आये हैं, मोदी जी की सरकार आप सभी को नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करने जा रही है.

8- नेहरू-लियाकत समझौते में दोनों देशों के अल्पसंख्यकों के संरक्षण का भरोसा दिया गया था. हमारे यहां अल्पसंख्यक भाई-बहनों को सम्मान से रखा गया. लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक 23 प्रतिशत से 3 प्रतिशत पर आ गए. अब नेहरू-लियाकत समझौते पर अमल हम करेंगे.

9- ममता दीदी कह रही हैं कि आपकी लाइने लग जाएंगी, आपसे प्रूफ मांगे जाएंगे. मैं बंगाल में बसे हुए सारे शरणार्थी भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपको कोई प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ेगी, आपको सम्मान के साथ नागरिकता दी जाएगी. दीदी से डरने की जरूरत नहीं है.

10- मैं ममता दीदी को कहना चाहता हूं कि बंगाली भाषी शरणार्थी हिंदू, दलितों ने आपका क्या बिगाड़ा है, क्यों इनकी नागरिकता का विरोध कर रही हो?

11- मेरा आप सबसे करबद्ध निवेदन है कि राहुल बाबा, ममता दीदी, केजरीवाल की टोली को जवाब देने के लिए अपने मोबाइल से 88662-88662 पर मिस्ड कॉल देकर नरेन्द्र मोदी जी को नागरिकता संशोधन कानून के लिए अपना समर्थन दीजिए.

12- वीर सावरकर जैसे इस देश के महान सपूत और बलिदानी का भी कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है. कांग्रेसियों शर्म करो-शर्म करो. वोट बैंक के लालच की भी हद होती है. वोट बैंक के लिए कांग्रेस ने वीर सावरकर जैसे महापुरुष का अपमान किया है.

13- कांग्रेस पार्टी गुमराह कर रही है, वो कह रही है कि ये कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करेगा. किसी भी धर्म को हमने बाकी नहीं रखा है, इन 3 देशों जो अल्पसंख्यक हैं चाहे वो हिन्दू हो, सिख हो, जैन, बौद्ध, पारसी या ईसाई हो इन सभी को हम नागरिकता दे रहे हैं.

14- विपक्ष के लोग देश को गुमराह कर रहे हैं कि इससे भारत के मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी, लेकिन मैं आप सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये क़ानून नागरिकता देने का है, किसी की नागरिकता छीनने का नहीं.

15- अमित शाह सख्त लहजे में ऐलान किया कि जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लें लेकिन बीजेपी इस कानून पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी. केंद्रीय गृह मंत्री बोले कि अगर राहुल गांधी ने कानून पढ़ा है तो वह उनसे बहस कर सकते हैं.

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