अमित शाह के बयान ने सिखों को पहुंचाई गहरी ठेस: सुखबीर सिंह बादल

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि आज हमें बहुत गहरा धक्का लगा है. जब पिछले महीने अखबारों में यह खुलासा करने वाले बयान छपे थे कि राजोआणा की फांसी की सजा माफ कर दी गई है तब हमने सोचा था कि हम अतीत से बाहर आ गए हैं, लेकिन आज के बयान ने सभी को बहुत बड़ा झटका दिया है.

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह की ओर से आज सदन मे दिया बयान कि बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की सजा माफ नही की गई है, ने सिखों को गहरी ठेस पहुंचाई है. जोकि यह मानकर बैठे थे कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर राजोआणा की फांसी की सजा उम्रकैद में तबदील की जा चुकी है.

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि आज हमें बहुत गहरा धक्का लगा है. जब पिछले महीने अखबारों में यह खुलासा करने वाले बयान छपे थे कि राजोआणा की फांसी की सजा माफ कर दी गई है तब हमने सोचा था कि हम अतीत से बाहर आ गए हैं, लेकिन आज के बयान ने सभी को बहुत बड़ा झटका दिया है. उन्होने कहा कि लागों में यह भावना घर कर गई है कि सिखों को इंसाफ नही दिया गया है और 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अपनाई दया की भावना को वास्तव में लागू नही किया गया है.

सरदार बादल ने कहा कि अकाली दल इस मामले को ‘मानवीय दृष्टिकोण’ से देखने के हक में है और यह बात अपने अलग-अलग प्रतिनिधियों द्वारा केंद्र सरकार तक पहुंचा चुका है. उन्होने कहा कि हम महसूस करते हैं कि यह केस माफी का हकदार है, क्योंकि राजोआणा बिना पैरोल के 23 से ज्यादा साल जेल में काट चुके हैं. इसके साथ ही अकाली दल सैद्धांतिक तौर पर भी मौत की सजा के खिलाफ है और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और देश के राष्ट्रपति से भी मिल चुका है.

यह टिप्पणी करते हुए कि अकाली दल राजोआणा को राहत सुनिश्चित कराने की अपनी लड़ाई जारी रखेगा, अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय गृहमंत्री से मिलेगा और उन्हें सिखों की भावनाओं से अवगत करवाएगा और अनुरोध करेगा कि राजोआणा की मौत की सजा माफ कर दी जाए.

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