Citizenship Amendment Bill 2019: अमित शाह ने लोकसभा में क्या कहा, पढ़ें 15 प्वाइंट्स में

विधेयक पेश करने के प्रस्ताव पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया.

सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) को लोकसभा में पेश कर दिया है. सड़क से संसद तक इस बिल का विरोध हो रहा है. बिल पेश होने के बाद कांग्रेस, टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है. इसके बाद लोकसभा में हंगामा शुरु हो गया है.

विधेयक पेश करने के प्रस्ताव पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया.

अमित शाह के बयान की खास बातें

  • अगर कोई मुस्लिम सज्जन पूरी प्रक्रिया के साथ अपील करेगा तो उसकी अपील पर विचार किया जाएगा, मगर इन लोगों को इस बिल का फायदा इसलिए नहीं मिलेगा क्योंकि इनके साथ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में कोई धार्मिक प्रतड़ना नहीं हुई है.
  • देश जब आजाद हुआ तो कांग्रेस ने धर्म के आधार विभाजन किया, इसलिए इस बिल की जरूरत पड़ी.
  • मैं इसी देश का हूं और भूगोल जानत हूं. शायद ये लोग PoK को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं.
  • हमारे देश की 106 KM सीमा अफगानिस्तान से सटी है, ऐसे में अफगानिस्तान को शामिल करना जरूरी था.
  • पहली बार नहीं है कि नागरिकता को लेकर सरकार कोई फैसला कर रही है. 1971 में इंदिरा गांधी ने फैसला किया कि बांग्लादेश से जितने लोग आए हैं उन्हें नागरिकता दी जाएगी. पाकिस्तान से आए लोगों को क्यों नहीं दी? शाह ने कहा पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने शरणार्थियों के साथ भेदभाव किया.
  • अमित शाह ने कहा कि बिल संविधान के किसी आर्टिकल के खिलाफ नहीं है. हमें जनता ने चुना है, विपक्ष को हमें सुनना पड़ेगा.
  • बिल से समानता के अधिकार को कोई खतरा नहीं है. बिल में कहीं मुस्लिमों का नाम नहीं है.
  • शाह ने कहा बिल 0.001% भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है.
  • अमित शाह ने कहा कि विधेयक पर जब चर्चा होगी, मैं सभी सवालों का जवाब दूंगा, तब हाउस से वॉक आउट मत करना.
  • नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिल के पीछे हमारा कोई एजेंडा नहीं है.
  • नागरिकता बिल को जनता का भी भरपूर समर्थन है क्योंकि यह हमारे (बीजेपी) घोषणपत्र में शामिल था: गृह मंत्री अमित शाह
  • गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा, ये देश का क्या सब के लिए खुला छोड़ दें? कौन सा देश ऐसा है, जिसने नागरिकता कानून नहीं बनाए?
  • गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठियों और शरण चाहने वालों के बीच में अंतर होना चाहिए.
  • लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मनमोहन सिंह भी शरणार्थी के तौर पर बाहर से आए थे और प्रधानमंत्री जैसे बड़े-बड़े पदों पर बैठे. उन्होंने कहा कि कई शरणार्थी बड़े-बड़े उद्योगपति भी बने.
  • गृह मंत्री शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अलग से प्रावधान होगा. अमित शाह ने मणिपुर को इनर लाइन परमिट के दायरे में लाए जाने का ऐलान भी किया.

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