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अमृतसर: आज से ‘लंगूर मेले’ का शुभारंभ, 10 दिन का उपवास रखेंगे बच्चे

10 दिनों तक चलने वाले इस मेले का समापन दशहरे (Dussehra) के अगले दिन होता है, जब ये लंगूर अपनी विशेष पोशाक को बड़ा हनुमान मंदिर में सौंप देते हैं. सभी लड़के भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए 10 दिवसीय उपवास रखते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:10 pm, Sat, 17 October 20
अमृतसर: आज से 'लंगूर मेले' का शुभारंभ, 10 दिन का उपवास रखेंगे बच्चे

शनिवार से अमृतसर (Amritsar) के दुर्ग्याणा तीर्थ (Durgiana Temple) स्थित बड़ा हनुमान मंदिर (Bada Hanuman Temple) में उत्‍तर भारत का प्रसिद्ध ‘लंगूर मेला’ (Langoor Mela) शुरू हो गया है, जहां भगवान हनुमान (Lord Hanuman) को प्रसन्न करने के लिए लड़कों को बबून (baboons) की तरह कपड़े पहनाए गए हैं.

अमृतसर के ऐतिहासिक दुर्ग्याणा मंदिर के परिसर में स्थित बाड़ा हनुमान मंदिर में हर साल होने वाला विश्व प्रसिद्ध ‘लंगूर मेला’ नवरात्रि (Navratra) के पहले दिन से शुरू हो गया है, इस मेले में, नवजात शिशुओं से लेकर युवाओं तक सब शामिल हुए हैं. लंगूर मेले में सभी लड़कों ने बबून की तरह कपड़े पहने हुए हैं.

10 दिनों तक चलता है ‘लंगूर मेला’

10 दिनों तक चलने वाले इस मेले का समापन दशहरे (Dussehra) के अगले दिन होता है, जब ये लंगूर अपनी विशेष पोशाक को बड़ा हनुमान मंदिर में सौंप देते हैं. उक्त लड़के भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए 10 दिवसीय उपवास रखते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं. ये 10 दिवसीय उपवास दशहरा के बाद समाप्त होता है. मगर कोरोना के चलते इस बार भक्तों को हनुमान मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है. उन्हें बाहरी परिसर में कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन के साथ अराधना करने की अनुमति मिली है.

दुर्ग्याणा तीर्थ स्थित बड़ा हनुमान मंदिर विश्‍व का इकलौता मंदिर है, जहां हनुमान बैठी हुई मुद्रा में हैं. मान्‍यता है कि यह वही मंदिर है जहां हनुमान ने लव कुश की ओर से छोड़े गए शाही घोड़ों को प्राप्‍त किया था. भगवान हनुमान से मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद भक्त ‘लंगूर मेले’ में हिस्सा लेते हैं. मान्‍यता के अनुसार, लोग बच्‍चे के लिए मंदिर में मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं और मनोकामना पूरी होने पर लंगूर बनने की प्रतिज्ञा करते हैं.

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