आंध्र प्रदेश: हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद तीन राजधानियों के प्लान पर आगे बढ़ रहे जगन मोहन रेड्डी

जगन मोहन रेड्डी ने अपने भाषण में, राज्य के लिए तीन राजधानियों के कदम का बचाव करते हुए कहा कि सरकार आंध्र प्रदेश में सभी क्षेत्रों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए डिसेंट्रलाइजेशन की दिशा में काम कर रही है.
YS Jagan Mohan Reddy, आंध्र प्रदेश: हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद तीन राजधानियों के प्लान पर आगे बढ़ रहे जगन मोहन रेड्डी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) ने शनिवार को जोर देते हुए कहा कि वह केंद्र से राज्य के लिए एक विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग करते रहेंगे, जैसा कि संसद में इसका वादा किया गया था. उन्होंने आंध्र के लिए तीन-राजधानियां बनाने के कदम का भी बचाव किया. 74 वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) समारोह में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि हालांकि मोदी सरकार सत्ता में बने रहने के लिए अन्य राजनीतिक दलों पर निर्भर नहीं है, लेकिन वह (रेड्डी) राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने को लेकर दृढ़प्रतिज्ञ हैं.

IANS की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस भरोसे क साथ केंद्र से राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने की मांग करना जारी रखेंगे कि अगर अभी नहीं तो कम से कम भविष्य में इसका ह्रदय परिवर्तन होगा.”

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और यहां इंदिरा गांधी म्यूनिसिपल स्टेडियम (Indira Gandhi municipal stadium) में एक रंगारंग परेड की समीक्षा की.

जगन मोहन रेड्डी ने अपने भाषण में, राज्य के लिए तीन राजधानियों के कदम का बचाव करते हुए कहा कि सरकार आंध्र प्रदेश में सभी क्षेत्रों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए डिसेंट्रलाइजेशन की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने तीनों क्षेत्रों के समान विकास को सुनिश्चित करने के लिए ही डिसेंट्रलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायसंगत विकास के लिए तीन राजधानियों को विकसित करने के लिए दो विधेयकों को अधिनियमों के रूप में लाया गया. बहुत जल्द हम कार्यकारी राजधानी के रूप में विशाखापट्टनम और न्यायिक राजधानी के रूप में कुरनूल की आधारशिला रखेंगे.

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