आंध्र प्रदेश के इस शख्स ने अनोखा तिरंगा बनाने के लिए बेच दिया घर

सत्यनारायण का पहला सपना था कि वे इस तिरंगे को तैयार करें और जब उनका यह सपना पूरा हो गया तो वे अपने अगले सपने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं.
AP Satyanarayana Handwoven Tricolor, आंध्र प्रदेश के इस शख्स ने अनोखा तिरंगा बनाने के लिए बेच दिया घर

विशाखापट्नम: आंध्र प्रदेश के रहने वाले रुद्राक्षला रामालिंगा सत्यानारायण का सपना था कि वे एक हैंडलूम का एक ऐसा तिरंगा बुनें, जो कि बिना किसी सिलाई या अटैचमेंट के एक ही कपड़े से तैयार हो. ऐसा करने के लिए सत्यनारायण को 6.5 लाख रुपए की जरुरत थी और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने घर तक को बेच दिया.

8 फीट से लेकर 12 फीट तक का यह राष्ट्रीय ध्वज बुनकर एक प्रकार से प्रयोग किया गया है. टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार,  इसे लेकर सत्यनारायण का दावा है कि इससे पहले ऐसा कोई भी राष्ट्रीय ध्वज तैयार नहीं किया गया है, जिसे नारंगी, सफेद और हरे रंग के खादी धागों से एकसाथ बुना गया है.

सत्यनारायण का पहला सपना था कि वे इस तिरंगे को तैयार करें और जब उनका यह सपना पूरा हो गया तो वे अपने अगले सपने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. सत्यनारायण चाहते हैं कि प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवत के मौके पर यह तिरंगा लाल किले पर फहराएं.

वीमावरन के रहने वाले सत्यनारायण ने पीएम मोदी के विशाखापट्नम दौरे के दौरान उन्हें यह तिंरगा सौंपा था, लेकिन सत्यानाराणय पीएम को इसकी खासियत नहीं बता पाए. चार साल तक इस तिरंगे को बनाने में लगाने वाले सत्यनारायण ने इसका खर्चा निकालने के लिए अपना पैतृक घर बेंच दिया.

रिपोर्ट के अनुसार, सत्यनारायण से जब पूछा गया कि तिंरगे को बनाने की दिलचस्पी उनके अंदर कैसे जागी, तो इसपर उन्होंने कहा कि उन्होंने शॉर्ट फिल्म लिटिल इंडियन्स देखी थी, जिसमें अभिनेता ने तिरंगे को एक साथ सिला था. बस उसी फिल्म को देखकर सत्यनारायण के अंदर बिना सिलाई और बिना किसी अटैचमेंट वाला तिंरगा तैयार करने की इच्छा जागी.

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