NTRO के अध्यक्ष बने अनिल धस्माना, बालाकोट स्ट्राइक को दिया था अंजाम

अनिल धस्माना (Anil Dhasmana) 1981 बैच के आईपीएस अफसर हैं और पाकिस्तान मामलों के विश्लेषक हैं, जिन्होंने फरवरी 2019 में बालाकोट स्ट्राइक (Balakot Strike) की योजना बनाई थी. धस्माना राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के करीबी माने जाते हैं.

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व अध्यक्ष अनिल धस्माना को केंद्र सरकार ने नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (NTRO) का नया अध्यक्ष बनाया है. एनटीआरो भारत की टेक्निकल संस्था है जिस पर भू-स्थानिक और सैटेलाइट तस्वीरों की जिम्मेदारी होती है. धस्माना की नियुक्ति पीएम मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता वाली अपॉइंमेंट कमेटी ने की है. शुक्रवार को इसकी औपचारिक घोषणा हुई है.

धस्माना की नियुक्ति सतीश झा के स्थान पर हुई है जो अब तक एनटीआरो (NTRO) के चीफ थे. एनटीआरओ के चीफ के तौर सतीश झा (Satish Jha) गुरुवार को रिटायर्ड हुए हैं. इसके बाद धस्माना ने कार्यभार संभाल लिया है.

 बालाकोट स्ट्राइक को दिया था अंजाम

अनिल धस्माना 1981 बैच के आईपीएस अफसर हैं और पाकिस्तान मामलों के विश्लेषक हैं, जिन्होंने फरवरी 2019 में बालाकोट स्ट्राइक (Balakot Strike) की योजना बनाई थी. धस्माना राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 का कार्यकाल खत्म होने से पहले पद छोड़ दिया था, हालांकि उनका बढ़ाया गया कार्यकाल बचा हुआ था. धस्माना ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को 1993 में ज्वाइन किया था.

14 महीने बाद हो रही सर्विस में वापसी

आइपीएस अफसर की 14 महीने बाद ऐसे समय में वापसी हो रही है जब वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की हर मूवमेंट पर नजर रखने के लिए एनटीआरो मुख्य भूमिका निभा रही है. एलएसी पर भारत और चीन दोनों देशों की तरफ से सैन्य बल और  हथियारों की जमावड़ा है. दोनों देशों के बीच एलएसी पर विवाद के चलते कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो रही है, लेकिन ऐसे संकेत है कि भारत चीन की सीमा विवाद कुछ दिन और खिंच सकता है.

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