दुश्मनों को दहलाने के लिए तैयार है ‘सारंग’… 36 किलोमीटर दूर से ही उड़ा देगी परखच्चे

एक बार में तीन गोले दागने की क्षमता रखने वाली इस तोप को सारंग नाम भगवान विष्णु के धनुष के नाम से मिला है.
another successful test of sarang cannon ready to join Indian army, दुश्मनों को दहलाने के लिए तैयार है ‘सारंग’… 36 किलोमीटर दूर से ही उड़ा देगी परखच्चे

मध्य प्रदेश के जबलपुर की खमरिया रेंज में देश की सबसे बड़ी तोप सारंग का एक और सफल परीक्षण किया गया है. 36 किमी दूर टारगेट को नेस्तोनाबूद कर देने वाली ये तोप अब पूरी तरह से भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है. कानपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बनी ये 155 एमएम की तोप एम-46 तोप का अपग्रेड वर्जन है और दूर खड़े टारगेट के परखच्चे उड़ा सकती है.

इस तोप को सारंग नाम भगवान विष्णु के धनुष के नाम से मिला है. यह तोप एक बार में तीन गोले दाग सकती है. सारंग का पुराना वर्जन एम 46 तोप 27 किलोमीटर तक मार कर सकती थी, वहीं इसका अपग्रेड वर्जन 36 किलोमीटर तक मार करने की काबिलियत रखता है. एम 46 की तुलना में इससे होने वाली तबाही भी कहीं ज्यादा होगी.

इस तोप से मचने वाली तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके गोले में 8 किलोग्राम टीएनटी का इस्तेमाल किया जा रहा है. जबकि एम 46 के गोले में सिर्फ 3.4 किलोग्राम टीएनटी का ही इस्तेमाल होता था. टीएनटी का सीधा सिद्धांत होता है- ज्यादा टीएनटी मतलब ज्यादा तबाही.

इस सैमी ऑटोमेटिक गन के अंदर गोले डालना भी आसान है. साथ ही इसकी बैरल की लंबाई भी बड़ा कर 7 मीटर की गई है. दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने वाली इस घातक तोप का वजन 8.4 टन है और इसकी बैरल को 70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है.

सूत्रों का कहना है कि इस साल के आखिर तक करीब 30 सारंग तोपें भारतीय सेना में शामिल हो सकती हैं. पहले चरण में 30 और दूसरे चरण में 70 तोपें अगले साल तक भारतीय सेना को सौंपी जाएगी. 2022 तक 300 तोपों को भारतीय सेना में शामिल किया जाना है.

मालूम हो कि भारत के पास पहले से के9 वज्र, धनुष और एम-777 होवित्जर तोप मौजूद हैं. ऐसे में सारंग भी भारतीय बेड़े में शामिल हो जाती है तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई इलाके आसानी से भारत की जद में होंगे.

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