इमरान खान, जब दो परमाणु आमने-सामने आएंगे तो कुछ भी हो सकता है, अमेरिका में बोले इमरान खान
इमरान खान, जब दो परमाणु आमने-सामने आएंगे तो कुछ भी हो सकता है, अमेरिका में बोले इमरान खान

जब दो परमाणु आमने-सामने आएंगे तो कुछ भी हो सकता है, अमेरिका में बोले इमरान खान

इमरान खान ने कहा कि भारत पाकिस्तान को पुलावमा घटना के लिए बिना किसी सबूत के दोषी ठहरा रहा है. जबकि भारत पाकिस्तान को पूरे सूबत दे चुका है. 
इमरान खान, जब दो परमाणु आमने-सामने आएंगे तो कुछ भी हो सकता है, अमेरिका में बोले इमरान खान

नई दिल्ली: हाउडी मोदी कार्यक्रम में मोदी-ट्रंप यारी देख पाकिस्तान घबरा गया है. पाकिस्तान के निजाम इनरान खान को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है. इमरान खान इस कदर परेशान हो चुके हैं कि उनको समझ ही नहीं आ रहा कि वो क्या करें. इमरान खान अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं. इससे पहले इमरान खान कश्मीर मुद्दे पर जहर उगलने से नहीं चूके.

इमरान खान न्यूयॉर्क में काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कम से कम कश्मीर में कर्फ्यू हटना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र की बैठक में दुनिया के मुल्कों से अपील करेंगे कि वह भारत सरकार पर कर्फ्यू हटाने के लिए दवाब डालें. इमरान और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच सोमवार रात को मुलाकात होनी है.

इमरान खान ने कहा कि भारत पाकिस्तान को पुलावमा घटना के लिए बिना किसी सबूत के दोषी ठहरा रहा है. जबकि भारत पाकिस्तान को पूरे सूबत दे चुका है.  उन्होंने कहा कि 370 के निरस्त होने के बाद, मुझे एहसास हुआ कि भारतीय सरकार एक “RSS एजेंडा” का पालन कर रही थी. समस्या यह है कि जब भी कोई और इसमें शामिल होने की कोशिश करता है, भारत कहता है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है, लेकिन वे हमारे साथ द्विपक्षीय वार्ता नहीं करते हैं. मैं संयुक्त राष्ट्र में बात करूंगा.

पुलवामा के बाद मैंने कहा, कृपया हमें कोई संकेत दें कि एक पाकिस्तानी शामिल था. इसके बजाय भारत ने हमपर बमबारी की. हमने बिना किसी सवाल के एक पायलट को भी लौटा दिया, लेकिन भारत ने इसे हमारी कमजोरी के रूप में खेला. हमने पाया कि भारत हमें FATF पर काली सूची में डालने के लिए प्रेरित कर रहा था, और हमने महसूस किया कि उनका एक एजेंडा है.

इमरान ने कहा कि भारत के लिए मेरे दिल में सम्मान है और मुझे इस वक्त पाकिस्तान से ज्यादा भारत की चिंता है क्योंकि भारत सही दिशा में नहीं जा रहा है. यह गांधी-नेहरू का भारत नहीं रहा और हिन्दुत्व की राजनीति वहां हावी होती जा रही है, जिसने गांधी की हत्या की थी.

इमरान खान ने कहा कि 9/11 के बाद अमेरिकी युद्ध में शामिल होना एक ऐतिहासिक गलती थी. गौरतलब है कि 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया था. इस युद्ध में पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था. जिसके बाद आतंकवादियों ने पाकिस्तान पर दहशत का गंदा खेल खेला था और इसमें तकरीबन 70 हजार पाकिस्तानी मारे गए थे.

इमरान खान, जब दो परमाणु आमने-सामने आएंगे तो कुछ भी हो सकता है, अमेरिका में बोले इमरान खान
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