30 दिनों के भीतर लौटाएं 2.09 करोड़, AAP सरकार का एपीजे स्कूल को आदेश

मनीष सिसौदिया ने कहा कि स्कूल ने फीस से उगाहे गए 4.5 करोड़ रुपये नए भवन के निर्माण पर खर्च किए. कानूनन स्कूल को मकान बनाने में अपने पैसे खर्च करने चाहिए थे.

नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने एक प्राइवेट स्कूल को विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क के रूप में वसूले गए 2.09 करोड़ रुपये 30 दिनों के भीतर उन्हें वापस करने का आदेश दिया है. दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसौदिया ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि छात्रों के माता-पिता की शिकायत पर शेख सराय स्थित एपीजे स्कूल को नोटिस भेजा गया है.

’10-25 फीसदी बढ़ाया शुल्क’
उन्होंने कहा, “शेखसराय स्थित एपीजे स्कूल ने सरकार को सूचित किए बिना वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क जैसे विभिन्न शुल्क 10-25 फीसदी बढ़ा दिया था. स्कूल के पिछले सात साल के खातों का लेखा परीक्षण करने के बाद हमने शुक्रवार को आदेश दिया है.”

उन्होंने कहा कि स्कूल के पास 30.85 करोड़ रुपये अधिशेष होने के बावजूद अध्यापकों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, वेतन नहीं दिया गया है, जबकि शुल्क में हर साल वृद्धि की गई है.

’30 दिनों के भीतर करें वापस’
उन्होंने कहा, “2018-19 के सत्र में स्कूल ने वास्तविक शुल्क से 2.09 करोड़ रुपये की रकम वसूल की. हमने स्कूल को अतिरिक्त शुल्क की रकम 30 दिनों के भीतर वापस करने का आदेश दिया है, अन्यथा कार्रवाई होगी. या नहीं तो स्कूल छात्रों के माता-पिता को बताए कि वह आगामी महीनों के शुल्क में इस रकम का समायोजन करेगा.”

सिसौदिया ने कहा, “स्कूल ने फीस से उगाहे गए 4.5 करोड़ रुपये नए भवन के निर्माण पर खर्च किए. कानूनन स्कूल को मकान बनाने में अपने पैसे खर्च करने चाहिए थे, न कि छात्रों से ली गई फीस का पैसा इस पर खर्च करना चाहिए.”

‘वेतन खातों में मिली गड़बड़ी’
उन्होंने कहा, “इस भवन में इसने एक नया स्कूल खोला है, जिसका नाम इंटरनेशनल स्कूल है. इंटरनेशनल स्कूल के कई अध्यापकों को दूसरे स्कूल के खातों से वेतन दिया जाता है और इसके द्वारा लिया गया शुल्क दूसरे खाते में जाता है.”

उन्होंने कहा कि स्कूल ने रखरखाव यानी हाउसकीपिंग का बिल बढ़ाकर 5.5 करोड़ रुपये दिखाया है, लेकिन उसका कोई ब्योरा नहीं दिया है.

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