सेना से 27 हजार सैनिकों की हो सकती है कटौती!

भारतीय सेना में 27 हजार सैनिकों की कटौती होने जा रही है. कहा जा रहा है कि इससे सेना को फायदा होगा.

भारतीय सेना 27 हजार सैनिकों की कटौती करने की योजना बना रही है. ये कटौती उन संगठनों से की जाएगी जो सेना के रेगुलर फील्ड फॉर्मेशंस और यूनिट्स का हिस्सा नहीं हुआ करते हैं. अगर ऐसा हुआ तो सेना को करीब 16 अरब रुपये की बचत हो सकती है.

आपको बता दें कि सेना के पास अभी 12.50 लाख लोग हैं जिनके वेतन और अन्य मदों पर भारी खर्च हो रहा है. इतनी लंबे चौड़े आकार को कम करने की भरपूर कोशिशें हो रही हैं.

वर्तमान में सेना के 1.75 लाख अफसर और जवान मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज़, नेशनल कैडेट कॉर्प्स, बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइज़ेशन, टेरिटोरियल आर्मी और सैनिक स्कूल में तैनात हैं. साथ ही असम राइफल्स, राष्ट्रीय राइफल्स और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज़ कमांड रेगुलर स्टैंडिंग आर्मी का हिस्सा नहीं हैं. सूत्रों की मानें तो आर्मी हेडक्वार्टर्स के डीजी (पर्सपेक्टिव प्लानिंग) की अध्यक्षता में नए सिरे से एक विस्तृत अध्ययन हुआ जिसके मुताबिक इन संगठनों में 27 हजार आर्मी मैनपावर में कटौती के साथ-साथ बेहतर एफिशिएंसी और और इफेक्टिवनेस के लिए इनकी रीस्ट्रक्चरिंग की सिफारिश की गई. ऐसे संस्थानों जिन्हें कंपोजिशन टेबल- 2 (CT-2) कहा जाता है से नॉन-कोर एक्टिविटीज में लगे सैनिकों को वापस बुलाने का प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय के पास भेज दिया गया है.


अन्य कदमों के अलावा अगले छह-सात सालों में करीब 1.5 लाख मैनपावर कम करने की भी योजना है. इस कदम से सालाना 60 से 70 अरब रुपये की बचत होगी. पिछले साल टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी थी कि आर्मी ने फोर्स रीऑर्गनाइजेशन और ऑप्टिमाइजेशन में चार अलग-अलग तरह के अध्ययन कि हैं. इसमें सेना के सांगठनिक सुधारों की तय रूपरेखा को इसी साल से लागू करने की योजना है. सूत्रों का कहना है पहले चरण के सुधारों के तहत नई दिल्ली के आर्मी हेडक्वॉर्टर्स की डाउनसाइजिंग के प्रस्ताव को मंजूरी कभी भी मिल सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *