Surgical Strike Day: जानें कैसे सेना के जवानों ने PoK में आतंकी लॉन्चपैड्स को किया था तबाह?

सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) से पहले जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) और पंजाब (Punjab) में बॉर्डर के क़रीब रहने वाले नागरिकों को 27 सितंबर की रात वहां से निकाला गया.

देश सर्जिकल स्ट्राइक की चौथी वर्षगांठ मना रहा है. साल 2016 में सितंबर के महीने में जम्मू और कश्मीर के उरी में एक सेना शिविर पर हुए घातक हमले के जवाब में पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी. रविवार को अपने रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सर्जिकल स्ट्राइक की बात याद दिलाई.

पीएम मोदी ने कहा चार साल पहले, इस समय, दुनिया ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान हमारे सैनिकों के साहस, बहादुरी और पराक्रम को देखा. हमारे बहादुर सैनिकों का बस एक ही मिशन और लक्ष्य था – किसी भी कीमत पर भारत माता की जय और सम्मान की रक्षा करना. उन्हें अपने जीवन की बिल्कुल भी परवाह नहीं थी, वे कर्तव्य की ओर आगे बढ़ते रहे और हम सभी साक्षी बने कि वे कैसे विजयी होकर लौटे. उन्होंने भारत को गौरवान्वित किया.

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PoK में तबाह किए थे लॉन्चपैड्स

27-28 सितंबर 2016 की रात को भारतीय सेना के विशेष बलों ने नियंत्रण रेखा (LoC) को पार किया और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकियों के लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया. यह उस साल 18 सितंबर को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में उरी में सेना के बेस पर की गई पाकिस्तान की कायराना हरकत का जवाब था. उरी हमले में 19 सैनिक शहीद हुए.

उस दौरान पीएम मोदी ने कहा था हमलावर ”बेख़ौफ़” नहीं जाएंगे और उन्हें माफ़ नहीं किया जाएगा. जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

24 सितंबर से शुरू हुई थी तैयारी

सर्जिकल स्ट्राइक के लिए 24 सितंबर से बिल्डअप शुरू किया गया. स्पेशल फोर्सेज़ के जवान नाइट विज़न डिवाइस, टैवोर-21 और एके-47 असॉल्ट राइफल्स, रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड, शोल्डर फायर्ड मिसाइल्स, हैकलर, कॉक पिस्टल्स, हाई एक्सप्लोजिव ग्रेनेड और प्लास्टिक एक्सप्लोजिव के साथ तैयार थे. 30 टीमें थीं और सबके अपने खास लक्ष्य थे.

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45 आतंकी ढेर, 6 लॉन्चफैड्स कार्रवाई में खाक

जम्मू कश्मीर और पंजाब में बॉर्डर के क़रीब रहने वाले नागरिकों को 27 सितंबर की रात सैनिकों के जाने से पहले वहां से निकाला गया. भारतीय सेना के जवानों ने जिन लॉन्चपैड्स को तबाह किया था वो भारतीय सीमा में आतंकी भेजने के लिए तैयार किए गए थे. सैनिकों के ऑपरेशन के वक्त स्नाइपर्स की मदद से इन्हें बेअसर कर दिया गया. सेना ने बयान में कहा कि भारत ने 6 लॉन्चपैड्स में क़रीब 45 आतंकियों को मार गिराया. इन लॉन्चपैड्स पर एक हफ्ते पहले से निगरानी रखी जा रही थी.

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