देश की इकोनॉमी सुधारने के लिए अरुण जेटली ने लिए थे ये 10 बड़े फैसले, हमेशा किए जाएंगे याद

1999-2004 में केंद्र में बनी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जेटली को कानून मंत्री का अहम पद दिया गया था. इसके बाद वो राज्यसभा में लगातार नेता विपक्ष की भूमिका अदा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2014 में पहली बार सत्ता में आए तो वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी अरुण जेटली को मिली थी.
Arun Jaitley, देश की इकोनॉमी सुधारने के लिए अरुण जेटली ने लिए थे ये 10 बड़े फैसले, हमेशा किए जाएंगे याद

नई दिल्ली: लंबे अर्से से बीमार चल रहे बीजेपी के दिग्गज नेता अरुण जेटली ने दोपहर 12.07 मिनट पर दिल्ली के एम्स AIIMS में अंतिम सांस ली. जेटली नौ अगस्त से यहां भर्ती थे. जेटली भाजपा के लिए कई बार संकटमोचक साबित हुए हैं. राज्यसभा में विरोधियों को मात देने के लिए जेटली लंबी तैयारी करके संसद में प्रवेश करते थे और जब वो बात करते थे तो उनके तर्कों के आगे विरोधियों के आरोप बौने पड़ जाते थे.

1999-2004 में केंद्र में बनी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जेटली को कानून मंत्री का अहम पद दिया गया था. इसके बाद वो राज्यसभा में लगातार नेता विपक्ष की भूमिका अदा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब 2014 में पहली बार सत्ता में आए तो वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी अरुण जेटली को मिली थी.

वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और ब्लैकमनी के खिलाफ कई अहम फैसले लिए. नोटबंदी और GST लागू करना उनमें से प्रमुख हैं.

वित्त मंत्री रहते हुए जेटली की 10 प्रमुख उपलब्धियां 
1- देश में जीएसटी के रूप में ‘एक देश, एक कर’ देने में जेटली ने अहम भूमिका महत्‍वपूर्ण थी. अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के तौर पर GST को लागू किया. पूरे देश में 1 जुलाई 2017 को आधी रात से जीएसटी लागू हो गया था. इस दिन से देश भर में चल रहे 17 टैक्स और 26 सेस खत्म हो गए थे.

2- वहीं वस्तुओं के एक राज्य से दूसरे राज्य में लाने-जाने के लिए ई-वे बिल एक अप्रैल 2018 से लागू किया गया था. इससे कारोबारियों को सामान ले जाने पर राज्यों के नाके पर चेकिंग कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

3- उनके कार्यकाल में ही IBC (Insolvency and Bankruptcy Code, 2016) कोड लागू किया गया था.

4- उनके कार्यकाल में नवंबर 2016 में नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था.

5- जेटली ने वित्त मंत्री रहते हुए रेल बजट को आम बजट में शामिल कर दिया. उससे पहले रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश किया जाता था.

6- वित्त मंत्री ने अपने कार्यकाल में महंगाई दर को 7.2 फीसदी से घटाकर 2.9 फीसदी तक पहुंचाया. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों एक सभा में भी इस बात का जिक्र किया था कि 2019 का लोकसभा चुनाव में महंगाई कोई मुद्दा नहीं था.

7- उनके शासनकाल में प्रधानमंत्री जनधन अकाउंट योजना की शुरुआत की गई. आज वर्तमान में 40 करोड़ से ज्यादा जनधन अकाउंट हैं. इन अकाउंट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा रुपये जमा हैं.

8- जेटली की अध्यक्षता में ही एसबीआई में सहयोगी बैंकों व भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ था. इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय किया गया था.

9- देश भर में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ाने का श्रेय भी जेटली को जाता है. डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट, पीओएस मशीन, यूपीआई भीम ऐप जैसी सेवाओं को पूरे देश में शुरू करवाया गया था.

10- 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने चलन में मौजूद 500 और एक हजार रुपये के नोट को बंद कर दिया था. सरकार के इस अभूतपूर्व कदम की जानकारी पीएम के अलावा केवल जेटली और कुछ चुनिंदा लोगों को ही थी.

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