केजरीवाल का ‘पराली राग’ जारी, पड़ोसी राज्यों में जलती पराली को फिर बताया प्रदूषण की वजह

पिछले 8-10 माह से दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम था लेकिन पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से प्रदूषण बढ़ने लगा है: केजरीवाल

अपनी हर प्रेस वार्ता में केजरीवाल दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का ठीकरा पराली के ऊपर फोड़ रहे हैं. आज एक बार फिर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पराली को जिम्मेदार बताया. सीएम के सामने जब भी प्रदूषण पर सवाल आता है तो पहले जवाब में पराली को जिम्मेदार ठहराते नज़र आ रहे हैं.

गुरुवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने फिर कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है. पिछले 8-10 माह से दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम था लेकिन पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से प्रदूषण बढ़ने लगा है.

पहले रिपोर्ट को झुठलाया, फिर दी बयान पर सफाई

बुधवार के दिन अरविंद केजरीवाल ने तमाम उन एजेंसियों की रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे जो दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पर रिपोर्ट जारी कर रही हैं. साथ ही केजरीवाल ने इस बात को भी सिरे से खारिज किया था कि पराली से होने वाला प्रदूषण महज 10 फ़ीसदी है लेकिन आज इस बयान के बाद केजरीवाल सफाई देते दिखे केजरीवाल ने कहा कि ‘मैं प्रदूषण पर विशेषज्ञों की इज्जत करता हूं. मैं खूद इंजीनियर हूं. मैं किसी रिपोर्ट को गलत नहीं बता रहा. मैं बस यह कह रहा हूं कि वह रिपोर्ट अलग अलग समय की है. कोई जून 2015 की रिपोर्ट बता रहा हैं. मेरे पास अगस्त 2018 का डाटा है. इसमें लिखा है कि सर्दी में 36 प्रतिशत प्रदूषण अपना है. गर्मी में ये 26 प्रतिशत हो जाता है. आज कोई एजेंसी नहीं बता सकती कि अभी दिल्ली में किन किन कारणों से कितना प्रदूषण हैं, ये कोई नहीं बता सकता. दिल्ली में आज अपना व बाहर का भी प्रदूषण है, लेकिन किसका कितना है, यह बता पाना संभव नहीं है. पिछले सप्ताह ही एक एजेंसी ने बताया पराली से 1 प्रतिशत है. दूसरी एजेंसी ने कहा 10 प्रतिशत है. दोनों में जब दस गुना का अंतर तो ये विज्ञान कहा हैं? दिल्ली में प्रदूषण बाहर से भी है. इसे कोई इंकार नहीं कर रहा.’

‘सफ़र’ पर भी उठाए सवाल

इससे पहले बुधवार को केजरीवाल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता और मौसम का पूर्वानुमान जताने वाली सेवा ‘सफर’  की रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए थे.’सफ़र’ ने अपनी एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि पराली जलाने से हुआ प्रदूषण दिल्ली 10 फीसदी से भी कम है. इस पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा था कि अगर ‘सफर’  से ये पता चल सकता है कि दिल्ली में पराली से होने वाला प्रदूषण 10 फीसदी है तो उन्हें प्रदूषण के बाकी कारणों के बारे में भी बताना चाहिए.

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों को भी झूठलाया

Delhi pollution, केजरीवाल का ‘पराली राग’ जारी, पड़ोसी राज्यों में जलती पराली को फिर बताया प्रदूषण की वजह

हाल ही में कृषि मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की थी इस रिपोर्ट में ये बताया गया था कि दिल्ली के आसपास के राज्य यूपी, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं 58 फ़ीसदी तक कम हुई है लेकिन जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस संबंध में TV9 भारतवर्ष ने सवाल पूछा तो उन्होंने कृषि मंत्रालय की इस रिपोर्ट को भी झुठला दिया.

रियल टाइम आंकडों के लिए अमेरिका से मदद

किसका कितना प्रदूषण है इस कन्फ्यूजन से दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से टाइपअप किया है. 1 अप्रैल 2020 से हर 4 घंटे के अंतराल में  प्रदूषण के आंकड़े बता सकेंगे. सीएम ने जानकारी देते हुए कहा कि हमने रियल टाइम सोर्स अपोरशंमेंट के लिए 1 मार्च 2019 को सेटअप किया. एक साल से यह अध्ययन कर रहे हैं. 1 अप्रैल 2020 से हम चार घंटे के अंतराल में बताने की स्थिति में होंगे कि किस कारण कितना प्रदूषण है. मशीनें आ चुकी हैं. इंडिया गेट के पास डीटीसीसी के दफ्तर के पास वह अध्ययन कर रही हैं.