पहलू खान मामले में आए अदालत के फैसले पर भड़के ओवैसी, बोले- क्या बताएंगे उनके परिवारवालों को…

गौ रक्षकों की एक भीड़ द्वारा पहलू खान को पीट-पीटकर मार दिए जाने के करीब दो साल बाद अलवर सत्र न्यायालय ने बुधवार को मामले में सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया.

नई दिल्ली: गौ रक्षकों की एक भीड़ ने पहलू खान को पीट-पीटकर मार दिया गया था. करीब दो साल बाद अलवर सत्र न्यायालय ने बुधवार को मामले में सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया. इस मामले में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है.

ओवैसी ने ट्वीटर पर लिखा, “अधिकांश लिंचिंगों में, आरोपी खुश थे, जबकि वे एक इंसान की जिंदगी को लूट रहे थे. ऐसे लोग इन भयानक कृत्यों के जरिए प्रसिद्ध होना चाहते थे, लेकिन क्या अब हम यह मान सकते हैं कि किसी ने पहलू खान को नहीं मारा? यह घटिया अभियोजन उनके परिवार को क्या बताएगा?”


गौ रक्षकों की एक भीड़ द्वारा पहलू खान को पीट-पीटकर मार दिए जाने के करीब दो साल बाद अलवर सत्र न्यायालय ने बुधवार को मामले में सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया. अदालत ने इन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. अलवर के अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश नंबर-1, डॉ. सरिता स्वामी की अदालत में फैसला सुनाया गया.

मामले की सुनवाई 7 अगस्त को समाप्त हुई. मामले में 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें तीन नाबालिग शामिल हैं, जो पहले से जमानत पर है. पीड़ित के परिवार ने 44 गवाह प्रस्तुत किए.

पहलू खान के वकील कासिम खान ने कहा कि मामले की ठीक तरह से जांच नहीं की गई और पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते आरोप पत्र पेश किया. उन्होंने कहा, “हम फैसले का अध्ययन करेंगे और अपनी रणनीति की योजना बनाएंगे.”

पहलू खान (55) हरियाणा के नूह के रहने वाले थे. पिकअप वैन से राजस्थान से हरियाणा मवेशी ले जाने के दौरान भीड़ ने गौ तस्करी के संदेह में पिटाई की, जिसकी वजह से उनकी सरकारी अस्पताल में 3 अप्रैल 2017 को मौत हो गई. इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था. इसमें दिखाई दे रहा है कि पहलू खान को आक्रामक भीड़ पीट रही है. अदालत वीडियो साक्ष्य से स्पष्ट रूप से संतुष्ट नहीं थी.

साल 2017 में राजस्थान पुलिस ने पहलू खान द्वारा मौत से पहले बयान में बताए गए छह लोगों को क्लीन चिट दे दी थी. बाकी के तीन आरोपी नाबालिग है और उन पर किशोर न्यायालय में मुकदमा चलाया जा रहा है.