असम में दोबारा कोरोना पॉजिटिव हुए 6 डॉक्टर्स, ICMR कर रहा संक्रमण वापसी की जांच

असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 6 डॉक्टर दोबारा कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित हुए हैं. आईसीएमआर (ICMR) के सूत्रों ने कहा कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से भी इसी तरह के केस सामने आए हैं.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 10:43 am, Sat, 19 September 20

असम के मेडिकल कॉलेज में 6 डॉक्टर जो पहले ड्यूटी के दौरान कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित हुए थे और फिर जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, उनमें एक बार फिर कोविड-19 के लक्षण दिखे है. वे फिर से कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. आईसीएमआर के सूत्रों ने कहा कि असम के डिब्रूगढ़ जिले के पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने यह पता लगाने के लिए यह कोरोना के नए मामले हैं या दोबारा संक्रमित कैसे हुए इसके लिए ब्लड सैंपल को एकत्र करना शुरू कर दिया है.

असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 6 डॉक्टर दोबारा कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं. आईसीएमआर के सूत्रों ने कहा कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से भी इसी तरह के केस सामने आए हैं. असम के स्वास्थ्य सचिव समीर सिन्हा ने कहा कि सरकार इस तरह के मामलों की जांच करेगी.

बेहद संवेदनशील है आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट

आईसीएमआर लोहवाला जिले के वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट ने कहा कि आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट एक संवेदनशील टेस्ट है. इसलिए हम दोबारा संक्रमित होने की बात को खारिज नहीं कर सकते हैं. अगर किसी मरीजे के शरीर में कम एंटीबॉडी काउंट है या कई मामलों में एंटीबॉडी नहीं बनते हैं. यह किसी भी अन्य वायरस की तरह जहां दोबारा संक्रमण होने की संभावना है, लेकिन यह बहुत कम लोगों में होगा.

उन्होंने कहा कि केवल एक प्रतिशत लोग दोबारा कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं. मेडिकल कॉलेजों में इस प्रकार के एंटीबॉडी काउंट की जांच होगी. इससे पता चलेगा कि ये नया संक्रमण है या दोबारा संक्रमित हुए हैं.

एएमसीएच का फैकल्टी मेंबर दोबारा कोरोना संक्रमित हुआ 

डिब्रूगढ़ में एएमसीएच (AMCH) का एक फैकल्टी मेंबर जो पहली बार जुलाई में संक्रमित हुए थे और बाद में उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. एक बार फिर उनमें और उनके परिवार के लोगों में कोविड-19 के लक्ष्ण पाए गए और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वह कोरोनावायरस से दोबारा संक्रमित हुए है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि मेरे पहला परीक्षण 26 जुलाई को आरटी-पीसीआर से कराया गया था. बता दें कि आरटी-पीसीआर कोरोना जांच करने के लिए सबसे सटीक माना जाता है.

डिब्रूगढ़ के डॉक्टर ने बताया कि मेरा पहला परीक्षण जुलाई में किया गया था. मैं पूरी तरह से एसिम्टोमैटिक था. मैं मेडिकल कॉलेज के अन्य लोगों के संपर्क में आया था, जिसकी वजह से मेरा टेस्ट किया गया और मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. नौवें दिन मेरा रैपिड टेस्ट (Rapid Antigen Test) हुआ और मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आई. 14 दिन का क्वारंटीन पूरी होने के बाद मैंने कुछ समय बाद दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कर ली.

14 सितंबर को एएमएसीएच कोविड वार्ड में हुए भर्ती

कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत 25 अगस्त को मेरा पहले रैपिड टेस्ट और फिर आरटी – पीसीआर टेस्ट हुआ, जिसमें मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आई. डॉक्टर ने बताया कि प्रोटोकॉल के तहत मेरी सभी रिपोर्ट निगेटिव आई जिसका मतलब है कि मेरे शरीर में कोरोना (Corona) के खिलाफ एंटीबॉडी बनी है. इसलिए मैंने सोचा कि मैं कोविड-19 (Covid-19) से दोबारा संक्रमित नहीं होगा, लेकिन सितंबर में मैंने खुद में कोविड-19 के लक्ष्ण देखे, जल्द ही मेरी पत्नी और बेटे में भी कोरोना के लक्षण दिखने लगे. एक डॉक्टर होने के नाते मैंने अपना एंटीजन टेस्ट कराया और मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को मैं अपने परिवार के साथ एएमसीएच के कोविड वार्ड में भर्ती हो गया.

 राज्य में 1600 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी कोराना संक्रमित

उन्होंने आगे बताया कि वह अकेले नहीं है एएमसीएच के करीब 5 अन्य लोग और हैं जिनमें कोरोना के लक्षण पाए गए और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं. एएमसीएच के सूत्रों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 330 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों में से कम से कम 150 डॉक्टर ड्यूटी के दौरान कोरोनवायरस से संक्रमित हुए हैं. असम में 1600 से अधिक डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी (Health workers) कोरोनावायरस से संक्रमित हुए हैं.