कर्फ्यू तोड़ गर्भवती हिंदू महिला को मुस्लिम ऑटो चालक ने पहुंचाया अस्पताल

असम के हैलाकांडी में इन दिनों दो दिन पहले हुई हिंसा के चलते कर्फ्यू लगा हुई है. कर्फ्यू के बीच साम्प्रदायिक एकता का एक उदाहरण देखने को मिला है.
असम कर्फ्यू, कर्फ्यू तोड़ गर्भवती हिंदू महिला को मुस्लिम ऑटो चालक ने पहुंचाया अस्पताल

नई दिल्ली. असम में कर्फ्यू के बीच सांप्रदायिक सद्भाव का एक शानदार उदाहरण देखने को मिला. एक मुस्लिम ऑटो चालक ने असम के हैलाकांडी में कर्फ्यू तोड़ते हुए प्रसव पीड़ा झेल रही एक हिन्दू महिला को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया. हैलाकांडी में दो दिन पहले हुई हिंसा के चलते कर्फ्यू लगा हुआ है.

महिला सही समय पर अस्पताल पहुंची और उसने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम ‘शांति’ रखा गया. जिले के पुलिस अधीक्षक मोहनेश मिश्रा के साथ हैलाकांडी की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने बुधवार को नव-जन्म देने वाले माता-पिता रूबोन दास और नंदिता के घर का दौरा किया और कहा, “हमें हिंदू-मुस्लिम एकता के ऐसे और उदाहरणों की आवश्यकता है.”

इसके साथ ही उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने रूबोन के पड़ोसी और ऑटो चालक मकबूल से भी मुलाकात की और उन्हें शहर में फैले सांप्रदायिक तनाव के बाद भी दोस्त की मदद करने के लिए शुक्रिया अदा किया. नंदिता की प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रूबोन को एंबुलेंस की जरुरत थी. उन्होंने कई करीबियों को इस उम्मीद में फोन किया कि उनकी मदद के लिए कोई आएगा. कर्फ्यू में मदद के लिए कोई नहीं पहुंच सका. इसी बीच रूबोन के दोस्त मकबूल को मालूम चला और वह अपने ऑटो रिक्सा के साथ रूबोन के घर पहुंचा. मकबूल ने कर्फ्यू की परवाह किए बिना नंदिता को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया.

मकबूल की मदद काम आई और नंदिता ने शाम 5:30 बजे स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. जब पता चला कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, तब दोनों दोस्तों ने चैन की सांस ली. रूबोन ने शहर में फैली अशांति के बीच अपने बेटे का नाम ‘शांति’ रखने का निर्णय लिया.

शुक्रवार को सांप्रदायिक झड़पों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 15 लोग घायल हो गए थे, जबकि 15 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और 12 दुकानों में तोड़फोड़ की गई और शहर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी गई. इसके बाद अधिकारियों को जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

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