असम NRC की फाइनल लिस्‍ट जारी, 19 लाख लोगों का नाम नहीं

NRC से लगभग 19 लाख लोगों को निकाल दिया गया. www.nrcassam.nic.in पर NRC की फाइनल लिस्‍ट देखी जा सकेगी.
NRC की फाइनल लिस्‍ट, असम NRC की फाइनल लिस्‍ट जारी, 19 लाख लोगों का नाम नहीं

असम में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) की फाइनल लिस्‍ट जारी हो गई है. NRC से लगभग 19 लाख लोगों को निकाल दिया गया. अंतिम सूची से 19,06,677 लोग निकाले गए हैं. सूची में 3,11,21,004 लोगों को भारतीय नागरिक बताया गया है.

अधिकारियों के मुताबिक, www.nrcassam.nic.in पर पूरी लिस्‍ट देखी जा सकेगी. पूरे राज्‍य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कुछ जगहों पर 4 से ज्‍यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है.

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  • असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा है कि वह NRC को लेकर सारी उम्मीदें छोड़ चुके हैं क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार विदेशियों को राज्य से बाहर करने के नए तरीकों पर चर्चा कर रही हैं. मंत्री ने आगे कहा, “दिल्ली और असम सरकार विदेशियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए नए तरीकों पर चर्चा कर रही हैं. मुझे नहीं लगता कि यह अंतिम सूची है, अभी और भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है.”
  • गुवाहाटी के काही कूची NRC सेंटर पर कुल 2328 लोगों ने अपने नाम शामिल करने का क्लेम किया था जिसमें से 1665 लोगों के नाम ही आये. सभी NRC सेंटर पर लिस्ट लेकर अधिकारी मौजूद हैं. NRC की वेबसाइट पर भी लोग अपना नाम चेक कर सकते हैं.
  • NRC के स्‍टेट कोऑर्डिनेटर प्रतीक हलेजा ने कहा, “कुल 3,11,21,004 लोगों का नाम फाइनल NRC में है. 19,06,657 लोग इससे बाहर हैं, इनमें वे भी शामिल हैं जिन्‍होंने अपने दावे सबमिट नहीं किए. जो लोग लिस्‍ट से संतुष्‍ट नहीं हैं, वे फॉरेन ट्रिब्‍यूनल्‍स के सामने अपील कर सकते हैं.”
  • NRC लिस्ट जारी हो चुकी है. NRC सेंटर पर अधिकारी लिस्ट लेकर काउंटर पर बैठे हैं ताकि जो भी व्यक्ति आये वो अपना नाम देख सकता है.
  • अगर NRC की फाइनल लिस्‍ट में आपका नाम नहीं मिलता है तो परेशान ना हों. NRC से नाम बाहर होने की सूरत में फॉरेन ट्रिब्यूनल्स (एफटी) में अपील दायर करने के लिए समय सीमा 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दी गई है.

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  • केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि जिन लोगों के नाम इस आखिरी लिस्ट में नहीं होंगे उन्हें विदेशी नागरिक नहीं कहा जा सकता. तमाम कानूनी विकल्प इस्तेमाल करने के बाद भी लोग ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं.
  • पहली बार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) 1951 में प्रकाशित किया गया था, अब लगभग सात दशक बाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस लिस्ट को अपडेट किया जा रहा है.

यह पूरी कवायद उन लोगों की पहचान करने की है जो अवैध रूप से असम में रह रहे हैं. इस लिस्‍ट के जारी होने के बाद राजनीतिक रूप से तूफान खड़ा हो सकता है. ऐसे में सीएम सर्वानंद सोनोवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

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